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पाकिस्तान: इमरान खान के भांजे शेरशाह खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत

SHIDDHANT
28 Aug 2025 7:58 PM IST
पाकिस्तान: इमरान खान के भांजे शेरशाह खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत
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PAKISTAN पाकिस्तान : लाहौर की आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) ने गुरुवार को पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के संस्थापक इमरान खान के भांजे शेरशाह खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उन पर 9 मई 2023 को हुई हिंसा और दंगों में शामिल होने का आरोप है।शेरशाह खान को 22 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था, ठीक एक दिन बाद जब उनके भाई शाहरेज खान को भी लाहौर के जिन्ना हाउस हमले के मामले में हिरासत में लिया गया था। पुलिस का कहना है कि 9 मई की हिंसा के दौरान शेरशाह खान को अपने चचेरे भाई हसन नियाजी (इमरान खान के एक अन्य भांजे) के साथ खड़े देखा गया था। उन पर राज्यविरोधी गतिविधियों में शामिल होने और हिंसक प्रदर्शनों को बढ़ावा देने का आरोप है।गुरुवार को शेरशाह खान को अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने अदालत से 30 दिन की हिरासत की मांग की, लेकिन बचाव पक्ष के वकील सलमान अकबर राजा ने दलील दी कि केवल किसी वीडियो में दिखाई देना अपराध साबित नहीं करता। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल को बिना ठोस सबूत के निशाना बनाया जा रहा है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एटीसी जज ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत को मंजूरी दी और शेरशाह को जेल भेजने का आदेश दिया
शेरशाह और शाहरेज खान, इमरान खान की बहन अलीमा खान के बेटे हैं। उन पर 9 मई की हिंसा में शामिल होने और राज्यविरोधी अभियान चलाने का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंसा के बाद शेरशाह खान करीब दो साल तक लंदन में छिपे रहे और हाल ही में पाकिस्तान लौटे थे। इसके बाद ही उन्हें गिरफ्तार किया गया।उनकी गिरफ्तारी पर इमरान खान के बेटे कासिम खान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे निर्दोष परिवार के सदस्यों को निशाना बनाने वाली दमनकारी कार्रवाई बताया। वहीं, अलीमा खान ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनके घर पर छापा मारकर उनके बेटे शाहरेज को जबरन उठाया गया और परिवार को प्रताड़ित किया गया। गौरतलब है कि 9 मई 2023 को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान भर में हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे थे। पीटीआई समर्थकों ने कई शहरों में सैन्य ठिकानों और सरकारी इमारतों को निशाना बनाया था। लाहौर में स्थित ऐतिहासिक जिन्ना हाउस पर भी हमला किया गया, जिसने पाकिस्तान की राजनीति और सेना के बीच तनाव को और गहरा कर दिया। इसके बाद सेना और सरकार ने पीटीआई के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई शुरू की।
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