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पाकिस्तान की फिर इंटरनेशनल फजीहत, क्या दिखा वीडियो में?

jantaserishta.com
15 Feb 2026 12:58 PM IST
पाकिस्तान की फिर इंटरनेशनल फजीहत, क्या दिखा वीडियो में?
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आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर को भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा.
नई दिल्ली: दुनिया तेजी से बदल रही है लेकिन एक चीज जो नहीं बदली, वो है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली पाकिस्तान की बेइज्जती. हालिया मामला पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का जिन्हें एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है. मुनीर म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन (MSC) के लिए जर्मनी के म्यूनिख शहर पहुंचे थे जहां उन्हें रोक कर आईडी यानी पहचान पत्र दिखाने को कहा गया.
इसका एक वीडियो ऑनलाइन शेयर किया जा रहा है जिसमें दिख रहा है कि कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने पाकिस्तानी सैन्य प्रमुख से आगे बढ़ने से पहले उनका पहचान बैज दिखाने को कहा. फुटेज में एक सुरक्षा अधिकारी यह कहते सुनाई देता है, 'रुकिए… आपकी आईडी कहाँ है? कृपया अपना आईडी कार्ड पलटकर दिखाइए.'
13-15 फरवरी के बीच आयोजित म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में मुनीर के साथ आम लोगों की तरह ही व्यवहार किया गया और स्टैंडर्ड सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उनसे पहचान पत्र दिखाने के लिए कहा गया.
सोशल मीडिया पर मुनीर से आईडी मांगे जाने का यह वीडियो काफी वायरल हो रहा है और लोग इसे पाकिस्तान की कूटनीतिक शर्मिंदगी बता रहे हैं. यूजर्स ने लिखा है कि दुनिया में मुनीर को कोई नहीं जानता और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी भारी बेइज्जती हो गई. हालांकि, कुछ लोग कह रहे हैं कि हाई लेवल के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में सुरक्षा जांच सामान्य प्रक्रिया होती है.
पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारी आदिल राजा ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि दुनिया में उन्हें कोई नहीं पहचानता. उन्होंने यह भी कहा कि मुनीर से अगर गेट पर खड़ा सुरक्षाकर्मी भी पूछता है तो वो अपना परिचय देते हैं.
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन हर साल आयोजित किया जाता है जहां वैश्विक नेता, रक्षा अधिकारी, राजनयिक और नीति विशेषज्ञ अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा के लिए जमा होते हैं. इसी बीच, जर्मनी स्थित सिंधी राजनीतिक संगठन जेये सिंध मुत्ताहिदा महाज (JSMM) ने सम्मेलन स्थल के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया है. वो प्रोग्राम में मुनीर की भागीदारी का विरोध कर रहे थे.
संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, जर्मन सरकार और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों को संबोधित एक बयान में JSMM के अध्यक्ष शफी बुरफत ने कहा कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख को निमंत्रण देने पर उन्हें बड़ा झटका लगा है और दुख पहुंचा है.
ग्रुप ने कहा कि पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था का मानवाधिकार उल्लंघनों और राजनीतिक हस्तक्षेप का इतिहास रहा है. JSMM के बयान में 1971 में पूर्वी पाकिस्तान की घटनाओं का उल्लेख किया गया, जिनके कारण बांग्लादेश बना. बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तान की तरफ से हुए खून-खराबे को उन्होंने नरसंहार बताया. बयान में पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसियों पर क्षेत्र में उग्रवादी तत्वों का समर्थन करने का आरोप लगाया गया. पाकिस्तान इन आरोपों को खारिज करता रहा है.
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