
हरारे: जिम्बाब्वे की प्रसिद्ध लेक करिबा में बुधवार को एक बड़ा नाव हादसा हो गया। क्षमता से अधिक यात्रियों को लेकर जा रही एक फेरी अचानक पलट गई। हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। दुर्घटना के बाद झील में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, 77 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। बचाए गए लोग झील में मौजूद एक छोटे से द्वीप तक पहुंचने में सफल रहे।
हादसे के बाद लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव दलों को सक्रिय किया गया है। वहीं, झील के बीच स्थित छोटे द्वीप पर पहुंचे लोगों को वापस सुरक्षित लाने के लिए नावें भेजी जा रही हैं। दुर्घटना के कारण झील के आसपास के इलाकों में चिंता और शोक का माहौल है।
क्षमता से अधिक यात्रियों को लेकर जा रही थी फेरी
Overcrowded Ferry Capsizes on Lake Kariba At Least 15 Dead, 27 Missing
— Mr. Guardian (@MrGGuardian) August 12, 2026
The Mbuya Nehanda ferry overturned near Long Island due to strong winds. Authorities have rescued 77 people, but the death toll may rise as children under ticketing age were not recorded on the passenger… pic.twitter.com/3jZcVfX6zB
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस फेरी में हादसा हुआ, उसमें उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक लोग सवार थे। ओवरलोडिंग को दुर्घटना से जुड़े प्रमुख कारणों में माना जा रहा है। हालांकि, फेरी किस वजह से अचानक पलटी, इसकी विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
झील में नाव के पलटते ही यात्रियों के बीच अफरातफरी मच गई। पानी में गिरने के बाद कई यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिए तैरकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचने का प्रयास किया। कुछ लोग झील में मौजूद एक छोटे द्वीप तक पहुंच गए, जहां उन्होंने शरण ली।
This is the RIDA boat named Mbuya Nehanda taking off earlier before the tragedy struck on Lake Kariba today. Communities used this boat as transport from rural Kariba to Kariba urban. It would take some 5hrs or so to cross Lake Kariba. We have very hard questions that require… pic.twitter.com/CF2TEsoki0
— Mutsa Murombedzi MP🇿🇼 (@mutsamu) August 11, 2026
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, कुल 77 लोगों को बचा लिया गया है। ये लोग किसी तरह झील के छोटे से द्वीप तक पहुंचने में सफल रहे। बचाव दल अब उन्हें वहां से सुरक्षित वापस लाने की तैयारी कर रहा है।
27 लोग अब भी लापता
हादसे के बाद 27 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। बचाव दलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती झील के विशाल क्षेत्र में लापता यात्रियों को तलाशना है। इसके लिए नावों की मदद ली जा रही है और अभियान लगातार जारी है।
लापता लोगों के परिजन अपने प्रियजनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं। हादसे में 15 लोगों की मौत की पुष्टि होने के बाद प्रभावित परिवारों में शोक का माहौल है। प्रशासन की ओर से मृतकों और लापता लोगों की पहचान से जुड़ी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
द्वीप पर पहुंचे लोगों को वापस लाने की तैयारी
हादसे के बाद जान बचाकर छोटे द्वीप पर पहुंचे 77 लोगों को सुरक्षित मुख्य क्षेत्र तक वापस लाना भी बचाव अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि इन लोगों को वापस लाने के लिए नावें भेजी जा रही हैं।
झील के बीच फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचावकर्मी लगातार काम कर रहे हैं। उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बचाव अभियान के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि द्वीप पर मौजूद लोगों को आवश्यक सहायता मिलती रहे।
लेक करिबा में नाव परिवहन का महत्व
लेक करिबा जिम्बाब्वे और जाम्बिया की सीमा पर स्थित अफ्रीका की प्रमुख कृत्रिम झीलों में से एक है। यह क्षेत्र पर्यटन और स्थानीय आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। झील में नावों और फेरी के जरिए लोगों का आवागमन भी होता है।
ऐसे में किसी फेरी का क्षमता से अधिक यात्रियों को लेकर चलना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है। ओवरलोडिंग से नाव का संतुलन प्रभावित हो सकता है और अचानक लहरों या मौसम में बदलाव की स्थिति में दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद फेरी संचालन में सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल खड़े होने की संभावना है। क्षमता से अधिक यात्रियों को सवार करने की अनुमति कैसे मिली और क्या फेरी के संचालन से पहले सुरक्षा जांच की गई थी, जैसे सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आ सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, नावों में यात्रियों की निर्धारित संख्या का पालन, लाइफ जैकेट की उपलब्धता और मौसम की स्थिति पर नजर रखना बेहद जरूरी होता है। किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी होने पर झील या समुद्र में होने वाली दुर्घटना का असर गंभीर हो सकता है।
बचाव अभियान पर टिकी निगाहें
फिलहाल लेक करिबा में बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता लापता 27 लोगों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित निकालना है। इसके साथ ही द्वीप पर पहुंचे 77 लोगों को भी सुरक्षित वापस लाने की कोशिश की जा रही है।
15 लोगों की मौत की खबर ने हादसे की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। मृतकों के परिवारों के लिए यह बेहद दुखद घटना है, जबकि लापता लोगों के परिजन उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।
बचाव दल झील के प्रभावित हिस्से में लगातार तलाश अभियान चला रहे हैं। हादसे की पूरी तस्वीर बचाव अभियान आगे बढ़ने और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल जिम्बाब्वे प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों को जल्द से जल्द खोजने और जीवित बचे लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की है।
लेक करिबा की यह दुर्घटना एक बार फिर जल परिवहन में सुरक्षा मानकों और क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जाने के जोखिम को सामने लाती है। 15 लोगों की मौत और 27 लोगों के लापता होने की खबर ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। अब राहत और बचाव दलों के प्रयासों पर सभी की निगाहें टिकी हैं।





