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Beijing बीजिंग: 25 सितंबर को सुरक्षा परिषद और अरब लीग ट्रोइका के बीच आयोजित उच्च स्तरीय अनौपचारिक वार्ता में संयुक्त राष्ट्र में चीन के उप स्थायी प्रतिनिधि कंग श्वांग ने अरब देशों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आह्वान किया कि वे उन एकतरफ़ा कार्रवाइयों का संयुक्त रूप से विरोध करें, जो "दो-राज्य समाधान" की नींव को कमजोर करती हैं। कंग श्वांग ने स्पष्ट किया कि फ़िलिस्तीनी मुद्दा मध्य पूर्व समस्या का मूल है और "दो-राज्य समाधान" ही इसे हल करने का एकमात्र व्यवहारिक रास्ता है। उन्होंने कहा कि चीन इस सप्ताह आयोजित "दो-राज्य समाधान" के कार्यान्वयन पर उच्च स्तरीय बैठक का पूर्ण समर्थन करता है। साथ ही, चीन ने अरब देशों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे सकारात्मक गति को बनाए रखते हुए ठोस और प्रभावी कदम उठाएं, फ़िलिस्तीनी लोगों के जबरन विस्थापन का विरोध करें और ग़ाज़ा तथा वेस्ट बैंक को मिलाने के अवैध प्रयासों का प्रतिरोध करें।
अपने संबोधन में उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ग़ाज़ा में जारी संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करना आवश्यक है। उन्होंने सराहना की कि अरब लीग और क्षेत्रीय देश सक्रिय रूप से युद्धविराम और ग़ाज़ा में हिंसा रोकने के लिए प्रयासरत हैं, जबकि मिस्र और क़तर ने मध्यस्थता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कंग श्वांग ने दोहराया कि अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की प्राथमिक ज़िम्मेदारी सुरक्षा परिषद की है। उन्होंने आशा जताई कि परिषद के सभी सदस्य, विशेषकर वे जिनका संबंधित पक्षों पर गहरा प्रभाव है, पर्याप्त राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाएँगे और ग़ाज़ा में युद्धविराम लागू करने तथा मानवीय संकट को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय तनाव को शीघ्रता से कम करना ज़रूरी है। उन्होंने इज़रायल से आग्रह किया कि वह सीरिया, लेबनान, यमन और अन्य देशों की संप्रभुता, सुरक्षा और प्रादेशिक अखंडता का उल्लंघन बंद करे। कंग श्वांग ने सीरियाई संक्रमणकालीन सरकार को समावेशी राजनीतिक प्रक्रिया आगे बढ़ाने, आतंकवाद-रोधी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और पूर्वी तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट सहित सुरक्षा परिषद द्वारा सूचीबद्ध सभी आतंकी संगठनों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही, उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से लेबनान सरकार को समर्थन जारी रखने का आग्रह किया ताकि वहां सकारात्मक शासन लागू हो सके, जनता की जीवन-स्थितियों में सुधार आए और देश में नियंत्रण बहाल हो। यमन मुद्दे पर चीन ने राजनीतिक समाधान की दिशा में प्रयास बढ़ाने और लाल सागर में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए और अधिक ठोस कदम उठाने का आह्वान किया।
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