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अफगानिस्‍तान में 10 लाख बच्चों के जानलेवा कुपोषण से ग्रसित होने की आशंका, महामारी भी बरपा सकता है कहर

Gulabi
23 Aug 2021 3:57 PM GMT
अफगानिस्‍तान में 10 लाख बच्चों के जानलेवा कुपोषण से ग्रसित होने की आशंका, महामारी भी बरपा सकता है कहर
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अफगानिस्‍तान में महामारी भी बरपा सकता है कहर

संयुक्त राष्ट्र की बच्चों से संबंधित एजेंसी यूनिसेफ ने अफगानिस्तान में भीषण सूखे, सर्दी के आगमन और कोरोना वायरस महामारी से मानवीय स्थिति बदतर होने की आशंका जताई है। समाचार एजेंसी रायटर के मुताबिक, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोमवार को कहा कि काबुल हवाई अड्डा बंद होने से सर्जिकल उपकरण और कुपोषण किट समेत 500 टन से ज्यादा की चिकित्सकीय आपूर्ति फंस गई है। यूनिसेफ ने कहा कि अफगानिस्तान में पहले ही एक करोड़ बच्चे मानवीय सहायता पर निर्भर हैं और इस साल लगभग 10 लाख बच्चों के जानलेवा कुपोषण से ग्रस्त होने की आशंका है। लगभग 42 लाख बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं, जिनमें 22 लाख लड़कियां हैं।


अंतरराष्ट्रीय मदद पर निर्भर है अफगानिस्तान

गरीब देश अफगानिस्तान अंतरराष्ट्रीय मदद पर निर्भर है। वहां इस साल के शुरू में तालिबान के नियंत्रण से पहले भी यही स्थिति थी। यूनिसेफ की निदेशक हेनरिटा फोर ने सोमवार को एक बयान में कहा कि 'यह एक चिंताजनक वास्तविकता है, जिसका अफगान बच्चे सामना कर रहे हैं। मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम व सरकार में बदलाव से परे, यह वास्तविकता ऐसी ही रहेगी।' उन्होंने कहा कि एजेंसी अफगानिस्तान में अपनी मौजूदगी को लेकर प्रतिबद्ध है और अपने अभियानों को बढ़ा रही है।

सूखे के कारण मानवीय जरूरतें बढ़ सकती है

यूनिसेफ उन इलाकों में मदद पहुंचाने की उम्मीद करता है, जहां युद्ध की वर्तमान परिस्थितियों में पहुंचना मुश्किल है। रायटर के मुताबिक, डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि पिछले दो महीनों के दौरान अफगानिस्तान में विस्थापित हुए करीब तीन लाख लोगों तक चिकित्सकीय और खाद्य आपूर्ति पहुंची। आबादी के आधे हिस्से करीब एक करोड़ 85 लाख लोग सहायता पर निर्भर हैं और सूखे के कारण मानवीय जरूरतें बढ़ सकती हैं। डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय आपात निदेशक डा. रिचर्ड ब्रेन्नान ने कहा कि काबुल हवाई अड्डा बंद होने से कामर्शियल विमानों ने डिलीवरी रोक दी है।
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