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San Francisco सैन फ्रांसिस्को। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में क्रांति ला रही टेक कंपनी एनविडिया (Nvidia) ने मंगलवार को इतिहास रच दिया। कंपनी का बाजार मूल्यांकन 5 ट्रिलियन डॉलर (5 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर) के पार पहुंच गया, जिससे वह विश्व की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल हो गई है। एनविडिया के शेयर इस साल अब तक 50% से अधिक की बढ़त दर्ज कर चुके हैं, जो एआई सेक्टर में तेजी का बड़ा संकेत है। यह उछाल उस समय आया जब कंपनी के सीईओ जेंसन हुआंग (Jensen Huang) ने घोषणा की कि एनविडिया को 500 बिलियन डॉलर के एआई चिप ऑर्डर्स मिलने की उम्मीद है। साथ ही कंपनी ने अमेरिकी सरकारी एजेंसियों के लिए सात नए सुपरकंप्यूटर बनाने की योजना का खुलासा किया है। हुआंग ने कहा कि एआई अब सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि आने वाले दशक की आर्थिक रीढ़ बनने जा रही है।
इसी के साथ एनविडिया ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए फिनलैंड की प्रमुख कंपनी नोकिया (Nokia) में 1 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की है। यह रणनीतिक गठबंधन अगली पीढ़ी की 6G मोबाइल टेक्नोलॉजी के विकास को लेकर किया गया है। इस साझेदारी से दोनों कंपनियां नेटवर्किंग और एआई इंटीग्रेशन के क्षेत्र में नई तकनीकी दिशा तय करेंगी। एआई सेक्टर की इस तेजी का असर अमेरिकी शेयर बाजार पर भी साफ दिखा। मंगलवार को डॉव जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 जैसे सभी प्रमुख इंडेक्स रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे। एप्पल (Apple) और माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के शेयरों में भी तेजी रही, जिससे दोनों कंपनियों का मार्केट वैल्यू 4 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर पहुंच गया।
हालांकि इस तेज रफ्तार ने कुछ विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है। कई विश्लेषकों का मानना है कि एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में यह उछाल एक संभावित ‘एआई बबल’ (AI Bubble) की शुरुआत हो सकती है। आर्क इन्वेस्ट (ARK Invest) की सीईओ कैथी वुड (Cathie Wood) ने चेतावनी दी कि आने वाले महीनों में एआई सेक्टर को “रियलिटी चेक” का सामना करना पड़ सकता है। वुड ने सऊदी अरब में आयोजित फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव (FII) सम्मेलन में कहा, “अगर हमारी उम्मीदें सही साबित होती हैं, तो यह सिर्फ शुरुआत है। एआई तकनीक मानव सभ्यता को अगले औद्योगिक युग में ले जाएगी।”
अंतरराष्ट्रीय संस्थान भी इस उछाल पर नजर रखे हुए हैं। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) और बैंक ऑफ इंग्लैंड ने हाल ही में चेताया था कि यदि निवेशकों का एआई के प्रति उत्साह कम हुआ तो सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को नुकसान झेलना पड़ सकता है। फिलहाल एनविडिया का 5 ट्रिलियन डॉलर क्लब में शामिल होना न केवल टेक सेक्टर के लिए, बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है — यह दिखाता है कि एआई ही भविष्य की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की राह पर है।
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