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एंड्रॉयड यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट पासवर्ड ट्रांसफर की टेंशन खत्म
टेक डेस्क: नया एंड्रॉयड फोन खरीदने के बाद पुराने डिवाइस में सेव पासवर्ड और Passkey को लेकर परेशान होने वाले यूजर्स के लिए काम की सुविधा सामने आई है। Google ने Android के Credential Manager में Restore Credentials फीचर उपलब्ध कराया है, जिसकी मदद से ऐप्स नए फोन पर यूजर के साइन-इन स्टेट को सुरक्षित तरीके से बहाल कर सकते हैं। इसका उद्देश्य फोन बदलते समय बार-बार अलग-अलग ऐप्स में लॉगिन करने की परेशानी कम करना है।
यह सुविधा Android की बैकअप और रिस्टोर प्रक्रिया के साथ काम करती है। हालांकि इसे सामान्य फाइल-ट्रांसफर फीचर समझना सही नहीं होगा। इसका फायदा तभी मिलता है जब संबंधित ऐप के डेवलपर ने Restore Credentials को अपने ऐप में लागू किया हो।
कैसे काम करता है नया फीचर?
Google के मुताबिक Restore Credentials के जरिए ऐप एक विशेष restore key तैयार कर सकता है। यह key Android के बैकअप सिस्टम के माध्यम से पुराने डिवाइस से नए डिवाइस तक पहुंचती है। नया फोन सेटअप करते समय ऐप इस key का इस्तेमाल करके यूजर के अकाउंट से दोबारा कनेक्ट हो सकता है।
इस प्रक्रिया का फायदा यह है कि यूजर को हर समर्थित ऐप में पासवर्ड दोबारा टाइप करने की जरूरत नहीं पड़ सकती। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए restore key को संवेदनशील credential की तरह संभाला जाता है।
पासवर्ड और Passkey का क्या होगा?
अगर आप Google Password Manager में अपने पासवर्ड और Passkeys सेव रखते हैं और अपने Google Account के साथ उनका इस्तेमाल करते हैं, तो नए Android डिवाइस पर उसी अकाउंट से साइन-इन करने के बाद वे उपलब्ध हो सकते हैं।
Passkey पारंपरिक पासवर्ड का अधिक सुरक्षित विकल्प है। इसमें यूजर अपने फोन के स्क्रीन लॉक, फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक जैसे सत्यापन के जरिए वेबसाइट और ऐप में साइन-इन कर सकता है। इससे पासवर्ड याद रखने और टाइप करने की जरूरत कम होती है।
नए फोन पर ऐसे करें इस्तेमाल
नया Android फोन सेटअप करते समय सबसे पहले उसी Google Account से लॉगिन करें जिसका इस्तेमाल पुराने फोन पर किया जा रहा था। सेटअप के दौरान पुराने फोन या क्लाउड बैकअप से डेटा रिस्टोर करने का विकल्प चुनें।
इसके बाद Android समर्थित डेटा और ऐप्स को नए डिवाइस पर रिस्टोर करेगा। जिन ऐप्स में Restore Credentials का सपोर्ट मौजूद होगा, उनमें आपका साइन-इन स्टेट भी बहाल हो सकता है। बाकी ऐप्स में सुरक्षा कारणों से दोबारा लॉगिन करना पड़ सकता है।
Google Password Manager में सेव पासवर्ड देखने के लिए Android की सेटिंग्स में Google या Password Manager सेक्शन खोला जा सकता है। अलग-अलग फोन कंपनियों में मेन्यू का नाम थोड़ा अलग हो सकता है।
Passkey क्यों मानी जाती है ज्यादा सुरक्षित?
Passkey को फिशिंग जैसे ऑनलाइन हमलों के खिलाफ पारंपरिक पासवर्ड से अधिक सुरक्षित बनाया गया है। Passkey की निजी cryptographic key डिवाइस या सुरक्षित credential provider के नियंत्रण में रहती है और सामान्य पासवर्ड की तरह सर्वर पर भेजी नहीं जाती।
इससे किसी नकली वेबसाइट पर पासवर्ड टाइप करके अकाउंट गंवाने का जोखिम कम हो सकता है। इसके अलावा यूजर को लंबे और जटिल पासवर्ड याद रखने की जरूरत भी नहीं पड़ती।
फीचर न दिखे तो क्या करें?
यह जरूरी नहीं कि हर Android फोन और हर ऐप में नई सुविधा तुरंत एक जैसी दिखाई दे। उपलब्धता Android वर्जन, Google Play services, ऐप के सपोर्ट और निर्माता के सॉफ्टवेयर पर निर्भर कर सकती है।
इसलिए फोन और ऐप्स को अपडेट रखना बेहतर है। साथ ही फोन बदलने से पहले Google Account की बैकअप सेटिंग्स जांच लें। इस नई व्यवस्था का मकसद डिवाइस बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए यूजर के लॉगिन डेटा की सुरक्षा बनाए रखना है।
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