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28 महीने से चुनाव नहीं, जेलेंस्की की रणनीति पर सवाल

Saba Naaz
20 July 2026 4:23 PM IST
28 महीने से चुनाव नहीं, जेलेंस्की की रणनीति पर सवाल
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यूक्रेन: राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की सरकार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव को पद से हटाए जाने के बाद देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। राजधानी कीव समेत खारकीव, ओडेसा और लवीव जैसे शहरों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर फैसले का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने फेदोरोव की वापसी, सेना प्रमुख ओलेक्सांद्र सिरस्की को हटाने और युद्धकालीन फैसलों को लेकर सरकार से जवाब मांगने की मांग उठाई है।

रक्षा मंत्री फेदोरोव की बर्खास्तगी के बाद जेलेंस्की सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि वह युद्ध की स्थिति का इस्तेमाल राजनीतिक नियंत्रण बनाए रखने के लिए कर रही है। आलोचकों का कहना है कि सरकार के भीतर लोकप्रिय हो रहे नेताओं को धीरे-धीरे किनारे किया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी राजनीतिक चुनौती को रोका जा सके।

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध 24 फरवरी 2022 से जारी है। युद्ध शुरू होने के बाद से यूक्रेन में मार्शल लॉ लागू है, जिसके कारण आम चुनाव नहीं हो पाए हैं। यूक्रेन में मार्च 2024 में राष्ट्रपति चुनाव होने थे, लेकिन युद्ध की स्थिति को देखते हुए चुनाव टाल दिए गए। अब विपक्ष और सरकार के आलोचक सवाल उठा रहे हैं कि आखिर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कब तक रोका जाएगा।

आलोचकों का दावा है कि युद्ध शुरू होने के बाद राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कई बड़े नेताओं को उनके पदों से हटाया है। इनमें प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और न्याय मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे नेता शामिल हैं। विरोधियों का आरोप है कि इनमें से कई ऐसे चेहरे थे जिनकी लोकप्रियता बढ़ रही थी और जो भविष्य में जेलेंस्की के लिए राजनीतिक चुनौती बन सकते थे।

मिखाइलो फेदोरोव को हटाने का फैसला भी इसी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि फेदोरोव की लोकप्रियता सरकार के कई अन्य नेताओं से अधिक थी। उनके हटाए जाने के बाद समर्थकों और विरोधियों दोनों के बीच चर्चा तेज हो गई है। हालांकि सरकार की ओर से कहा गया है कि यह फैसला प्रशासनिक जरूरतों और युद्ध संचालन में बेहतर तालमेल के लिए लिया गया है।

इससे पहले यूक्रेन के पूर्व विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा को भी सितंबर 2024 में पद से हटाया गया था। कुलेबा यूक्रेन के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय चेहरों में शामिल थे। वहीं, सेना प्रमुख वालेरी जागुज्नी को फरवरी 2024 में पद से हटाया गया था। जागुज्नी की लोकप्रियता यूक्रेन में काफी अधिक बताई जाती थी। उनके हटाए जाने के बाद भी उनकी लोकप्रियता में वृद्धि की खबरें सामने आई थीं।

जेलेंस्की की लोकप्रियता को लेकर भी लगातार चर्चाएं चल रही हैं। युद्ध की शुरुआत के बाद मई 2022 में उनकी लोकप्रियता काफी ऊंचे स्तर पर थी, लेकिन बाद में इसमें गिरावट दर्ज की गई। युद्ध की लंबी अवधि, आर्थिक चुनौतियों और लगातार हो रहे सैन्य नुकसान के कारण जनता के एक वर्ग में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ी है।

कुछ सर्वेक्षणों में सामने आया है कि यूक्रेन की जनता का एक हिस्सा चाहता है कि जेलेंस्की युद्ध समाप्त होने के बाद भी राजनीति में बने रहें, जबकि एक अन्य वर्ग उनके पद छोड़ने के पक्ष में है। यही वजह है कि चुनाव कराने की मांग भी धीरे-धीरे तेज होती जा रही है।

वर्तमान में जेलेंस्की सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती युद्ध को संभालने के साथ-साथ जनता का विश्वास बनाए रखना है। रक्षा मंत्री की बर्खास्तगी ने पहले से चल रही राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यूक्रेन सरकार चुनाव, युद्धकालीन व्यवस्था और विपक्ष की बढ़ती आवाजों को किस तरह संभालती है।

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