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न जमीन, न प्रॉपर्टी टैक्स! इंजीनियर का तैरता घर बना चर्चा का विषय

Saba Naaz
16 July 2026 2:29 PM IST
न जमीन, न प्रॉपर्टी टैक्स! इंजीनियर का तैरता घर बना चर्चा का विषय
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World: दुनिया के अमीर लोग अपनी संपत्ति और टैक्स बचाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। कोई कम टैक्स वाले राज्यों में बस जाता है तो कोई निवेश के जरिए अपनी आर्थिक रणनीति बनाता है। लेकिन माइक्रोसॉफ्ट के दिग्गज इंजीनियर चार्ल्स सिमोन्यी ने कई साल पहले ऐसा तरीका अपनाया था, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। उन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स और जमीन-जायदाद से जुड़े नियमों से बचने के लिए अपना घर जमीन पर नहीं, बल्कि समुद्र में बना लिया।

चार्ल्स सिमोन्यी, जिन्हें माइक्रोसॉफ्ट वर्ड और एक्सेल के मुख्य आर्किटेक्ट के रूप में जाना जाता है, ने करीब 20 साल तक अपनी लग्जरी सुपरयॉट 'स्कॉट' पर जीवन बिताया। यह यॉट उनके लिए सिर्फ सफर का साधन नहीं थी, बल्कि एक चलता-फिरता आलीशान घर थी। इस अनोखे फैसले के पीछे उनका मकसद महंगे प्रॉपर्टी टैक्स और कई तरह के प्रशासनिक नियमों से बचना था।

सिमोन्यी की कहानी उस दौर में सामने आई जब अमेरिका में अमीर लोगों पर लगने वाले टैक्स और वेल्थ टैक्स को लेकर बहस तेज हो रही है। आज भी कई करोड़पति और अरबपति ज्यादा टैक्स वाले राज्यों को छोड़कर फ्लोरिडा और टेक्सास जैसे राज्यों में बस रहे हैं। लेकिन सिमोन्यी ने इससे अलग रास्ता चुना और समुद्र को अपना ठिकाना बना लिया। चार्ल्स सिमोन्यी माइक्रोसॉफ्ट के उन प्रमुख इंजीनियरों में शामिल रहे हैं, जिन्होंने कंप्यूटर की दुनिया को बदलने वाले सॉफ्टवेयर तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। माइक्रोसॉफ्ट वर्ड और एक्सेल जैसे लोकप्रिय प्रोग्राम के विकास में उनका बड़ा योगदान माना जाता है। उनकी तकनीकी उपलब्धियों ने उन्हें अरबों डॉलर की संपत्ति दिलाई।

फोर्ब्स के अनुसार, चार्ल्स सिमोन्यी की कुल संपत्ति करीब 7.2 बिलियन डॉलर यानी लगभग 60 हजार करोड़ रुपये बताई जाती है। इतनी बड़ी संपत्ति के बावजूद उन्होंने पारंपरिक आलीशान घर खरीदने के बजाय समुद्र पर रहने का विकल्प चुना। उनकी सुपरयॉट 'स्कॉट' बेहद आधुनिक सुविधाओं से लैस थी। यह इतनी बड़ी और शानदार थी कि कई बार लोगों ने इसे देखकर नेवी का जहाज समझ लिया था। यॉट में रहने के लिए सभी जरूरी सुविधाएं मौजूद थीं। इसमें आरामदायक कमरे, मनोरंजन की सुविधाएं और लंबे समय तक समुद्र में रहने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं थीं।

सिमोन्यी का यह फैसला सिर्फ लग्जरी लाइफस्टाइल का हिस्सा नहीं था, बल्कि एक रणनीतिक कदम भी माना गया। जमीन पर घर खरीदने से जहां हर साल भारी प्रॉपर्टी टैक्स देना पड़ सकता था, वहीं समुद्र पर रहने से उन्होंने इन खर्चों से काफी हद तक बचने का रास्ता निकाला।

हालांकि, यह तरीका हर किसी के लिए संभव नहीं है। एक सुपरयॉट खरीदना और उसका रखरखाव करना भी बेहद महंगा होता है। इसके लिए करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। लेकिन अरबपति लोगों के लिए यह जीवनशैली टैक्स प्लानिंग और स्वतंत्र जीवन का एक विकल्प बन सकती है।

चार्ल्स सिमोन्यी का यह अनोखा फैसला आज भी चर्चा में रहता है। उन्होंने दिखाया कि अमीर लोग सिर्फ पैसा कमाने के नए तरीके ही नहीं खोजते, बल्कि अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखने और खर्चों को नियंत्रित करने के लिए भी अलग-अलग रणनीतियां अपनाते हैं।

आज जब अमेरिका समेत कई देशों में अमीरों पर ज्यादा टैक्स लगाने की चर्चा चल रही है, तब सिमोन्यी का 20 साल तक समुद्र पर रहने का फैसला फिर से सुर्खियों में आ गया है। उनका 'तैरता हुआ घर' इस बात का उदाहरण है कि बड़े कारोबारी और तकनीकी दिग्गज अपने जीवन और वित्तीय फैसलों में कितने अलग रास्ते अपना सकते हैं।

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