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अमेरिकी जनरल ब्रेट सिल्विया की बर्खास्तगी के बाद नया खुलासा

nidhi
30 Oct 2026 7:01 AM IST
अमेरिकी जनरल ब्रेट सिल्विया की बर्खास्तगी के बाद नया खुलासा
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वॉशिंगटन: अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया की बर्खास्तगी के बाद गोपनीय जानकारी लीक करने के मामले में नया दावा सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सिल्विया ने ईरान और यूक्रेन से संबंधित वर्गीकृत जानकारी पत्रकारों को देने की बात जांच के दौरान स्वीकार की थी। हालांकि, कथित स्वीकारोक्ति का दावा आंतरिक जांच रिपोर्ट और अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से किया गया है। इसे अदालत में दिया गया कबूलनामा या न्यायिक रूप से साबित अपराध नहीं माना जा सकता।
ईरान इंटरनेशनल ने एक्सियोस की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि सिल्विया पर लगभग एक वर्ष के दौरान दो पत्रकारों को संवेदनशील जानकारी देने का आरोप है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इसी सप्ताह उन्हें पद से हटा दिया था। रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया गया कि चार पॉलीग्राफ परीक्षणों में असफल रहने के बाद उन्होंने वीडियो पर जानकारी साझा करने की बात स्वीकार की। दूसरी रिपोर्टों में परीक्षणों की संख्या तीन बताई गई है। इस अंतर के कारण जांच का पूरा आधिकारिक विवरण सामने आना महत्वपूर्ण है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पत्रकारों के साथ सिल्विया का कथित संपर्क जून 2025 से शुरू हुआ था। बातचीत के लिए एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप सिग्नल का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। इसके अलावा वर्जीनिया के आर्लिंगटन स्थित एक भोजनालय में पत्रकार से व्यक्तिगत मुलाकात का भी उल्लेख है। जांच रिपोर्ट पर आधारित खबर में आरोप है कि ऐसी एक मुलाकात में यूक्रेन को अमेरिकी सहायता से जुड़ी जानकारी साझा की गई। सार्वजनिक रिपोर्टों से संबंधित सामग्री का संपूर्ण विवरण और उसकी सुरक्षा श्रेणी स्पष्ट नहीं होती। एक अन्य पत्रकार के साथ सिग्नल पर हुई बातचीत मिटाए जाने का आरोप भी सामने आया है। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, सिल्विया ने जांचकर्ताओं को बताया कि उन्हें एक संदेश मिला था, जिसका संबंध उनके अनुमान में ईरान से था। बाद में संदेश के साथ पूरी बातचीत हट गई। अमेरिकी अधिकारियों को संदेह है कि ऐसा जानबूझकर किया गया। यह जांचकर्ताओं का संदेह है और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सामग्री इसके पीछे की मंशा का स्वतंत्र निष्कर्ष नहीं देती।
सिल्विया पेंटागन के जॉइंट स्टाफ में रणनीति, योजनाओं और नीति निदेशालय का नेतृत्व कर रहे थे। अमेरिकी सैन्य व्यवस्था में इस महत्वपूर्ण पद को ‘जे-5’ कहा जाता है। इस जिम्मेदारी के तहत वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व को रणनीतिक सलाह देने और दीर्घकालिक योजनाओं के समन्वय में भूमिका रहती है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, वह जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन को सलाह देने वाले प्रमुख अधिकारियों में शामिल थे। इससे पहले वह अमेरिकी सेना की 101वीं एयरबोर्न डिवीजन की कमान संभाल चुके थे।
पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने कहा कि वायुसेना के विशेष जांच कार्यालय की विस्तृत पड़ताल के बाद संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा के लिए कार्मिक कार्रवाई की गई। उनके अनुसार, आगे संभावित कानूनी कार्रवाई के लिए मामला अमेरिकी न्याय विभाग को भेजा गया है। न्याय विभाग को मामला भेजे जाने का अर्थ अपने आप आरोपपत्र दाखिल होना या दोषसिद्धि होना नहीं है। फिलहाल उपलब्ध विवरण से यह स्पष्ट नहीं है कि आगे कौन-सी धाराओं में कार्रवाई होगी और संबंधित एजेंसियां जांच के निष्कर्ष कब सार्वजनिक करेंगी। इस मामले में आरोपों को लेकर एकमत स्थिति भी नहीं है। सीबीएस न्यूज से बातचीत में पेंटागन के दो अन्य सूत्रों ने गोपनीय जानकारी लीक किए जाने के आरोपों पर असहमति जताई। सिल्विया के एक सहयोगी के हवाले से कहा गया कि वह पत्रकारों के साथ पुराने संपर्क स्वीकार करते रहे हैं, लेकिन वर्गीकृत जानकारी लीक करने से इनकार करते थे। इसलिए कथित स्वीकारोक्ति, अधिकारियों के आरोप और उनके पक्ष से सामने आए विवरण को अलग-अलग देखना जरूरी है।
सिल्विया की विदाई पर जॉइंट स्टाफ की ओर से पहले उनकी 32 वर्ष की सेवा के लिए आभार व्यक्त किया गया था। बाद में वह बयान वापस ले लिया गया। प्रवक्ता ने कहा कि समीक्षा के बाद पाया गया कि शुरुआती वक्तव्य पूरे घटनाक्रम को उचित तरीके से नहीं दर्शाता था। जारी कार्मिक प्रक्रिया का हवाला देते हुए आगे टिप्पणी करने से इनकार किया गया। इस बदलाव ने बर्खास्तगी की परिस्थितियों को लेकर उठ रहे सवालों को और बढ़ाया है। सिल्विया की विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
यह घटनाक्रम पेंटागन में अनधिकृत सूचना साझा करने वालों की पहचान के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान के बीच सामने आया है। वरिष्ठ अधिकारियों के पॉलीग्राफ परीक्षण और पत्रकारों की पहुंच संबंधी पाबंदियां पहले भी चर्चा में रही हैं। दूसरी ओर, सिल्विया की बर्खास्तगी ऐसे समय हुई है जब अमेरिकी प्रशासन ईरान के खिलाफ संभावित नई सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहा है। इससे वरिष्ठ रणनीतिक पद पर बदलाव का महत्व बढ़ जाता है। अब आगे की जांच से स्पष्ट होगा कि कौन-सी जानकारी साझा हुई, क्या उसे साझा करने की अनुमति थी और कथित खुलासों से कितना नुकसान पहुंचा।
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