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नेपाल ने भारतीय 200 और 500 रुपये के नोटों पर लगी पाबंदी हटाई, नागरिकों को मिली बड़ी राहत

Kavita2
26 July 2026 12:47 PM IST
नेपाल ने भारतीय 200 और 500 रुपये के नोटों पर लगी पाबंदी हटाई, नागरिकों को मिली बड़ी राहत
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काठमांडू : नेपाल ने भारतीय मुद्रा को लेकर करीब एक दशक से चली आ रही पाबंदी में बड़ा बदलाव किया है। नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) ने भारतीय और नेपाली नागरिकों को अब 200 और 500 रुपये के भारतीय नोट नेपाल में लाने और ले जाने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के साथ वर्ष 2016 की नोटबंदी के बाद लागू प्रतिबंधों में ढील दी गई है।

नेपाल राष्ट्र बैंक की ओर से जारी नए नोटिस के अनुसार, अब भारतीय और नेपाली नागरिक निर्धारित नियमों के तहत 200 और 500 रुपये के भारतीय नोट अपने साथ रख सकते हैं। हालांकि, इसके लिए प्रति व्यक्ति अधिकतम 25,000 रुपये की सीमा तय की गई है।

यह फैसला भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक और सामाजिक संबंधों को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है और सीमावर्ती क्षेत्रों में भारतीय मुद्रा का इस्तेमाल आम बात है। ऐसे में बड़े मूल्यवर्ग के नोटों की अनुमति मिलने से यात्रियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।

नेपाल राष्ट्र बैंक ने गुरुवार को जारी एक सूचना में स्पष्ट किया कि 9 नवंबर 2016 या उसके बाद जारी किए गए 200 और 500 रुपये के भारतीय नोट अब निर्धारित सीमा के भीतर नेपाल लाए और ले जाए जा सकते हैं। यह अनुमति मौजूदा विदेशी मुद्रा संबंधी नियमों के अनुसार दी गई है।

गौरतलब है कि भारत में नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के बाद नेपाल ने भारतीय 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद नेपाल में भारतीय मुद्रा ले जाने की सीमा को सीमित कर दिया गया था और केवल 100 रुपये तक के नोटों को ही अनुमति दी गई थी।

नोटबंदी के बाद नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय नोटों के चलन को लेकर कई समस्याएं सामने आई थीं। सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार और आम लेनदेन प्रभावित हुए थे। लंबे समय से नेपाल में भारतीय मुद्रा के बड़े नोटों को लेकर नियमों में बदलाव की मांग की जा रही थी।

नेपाल राष्ट्र बैंक ने बताया कि नए प्रावधान पहले ही नेपाल राजपत्र में प्रकाशित किए जा चुके थे। 11 फरवरी को जारी अधिसूचना के माध्यम से इन नियमों की जानकारी दी गई थी। अब केंद्रीय बैंक ने नियमों को दोहराते हुए इनके क्रियान्वयन को स्पष्ट किया है, ताकि लोगों में किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे।

नेपाल और भारत के बीच मजबूत आर्थिक रिश्ते हैं। दोनों देशों के नागरिकों का व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार के सिलसिले में लगातार आना-जाना होता है। खासकर नेपाल से भारत और भारत से नेपाल जाने वाले यात्रियों के लिए मुद्रा संबंधी नियमों का सीधा असर पड़ता है।

सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह फैसला विशेष रूप से राहत देने वाला माना जा रहा है। भारत और नेपाल की खुली सीमा के कारण दोनों देशों के नागरिकों के बीच रोजाना आवाजाही होती है। बड़े मूल्यवर्ग के भारतीय नोटों की अनुमति मिलने से लेनदेन पहले की तुलना में आसान हो सकता है।

हालांकि, नेपाल राष्ट्र बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि नागरिकों को तय सीमा और नियमों का पालन करना होगा। प्रति व्यक्ति 25,000 रुपये से अधिक मूल्य के 200 और 500 रुपये के भारतीय नोट ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाने में मदद कर सकता है। इससे पर्यटन क्षेत्र को भी लाभ मिलने की संभावना है, क्योंकि भारत से नेपाल जाने वाले पर्यटकों के लिए भुगतान प्रक्रिया आसान हो जाएगी।

नेपाल सरकार और केंद्रीय बैंक समय-समय पर विदेशी मुद्रा से जुड़े नियमों में बदलाव करते रहे हैं, ताकि अवैध मुद्रा लेनदेन को रोका जा सके और वैध आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके।

फिलहाल नेपाल के इस फैसले को भारत-नेपाल आर्थिक संबंधों में सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। करीब दस साल बाद बड़े मूल्यवर्ग के भारतीय नोटों को अनुमति मिलने से दोनों देशों के नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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