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Nepal : भारतीय आमों पर शर्तों के साथ फिर दी आयात अनुमति, जापान की रोक के बाद बढ़ी चिंता

Kavita2
14 Jun 2026 10:12 AM IST
Nepal : भारतीय आमों पर शर्तों के साथ फिर दी आयात अनुमति, जापान की रोक के बाद बढ़ी चिंता
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Nepal नेपाल : भारतीय आमों के निर्यात से जुड़े क्षेत्र में हाल ही में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। नेपाल ने पहले उच्च जोखिम वाले कीटों की आशंका के चलते भारतीय आमों के आयात पर रोक लगा दी थी, लेकिन अब उसने कुछ निर्धारित फाइटो-सैनिटरी (पौध स्वास्थ्य) शर्तों के साथ आयात की अनुमति दोबारा बहाल कर दी है। इस निर्णय से भारतीय आम निर्यातकों को आंशिक राहत मिली है, हालांकि नई शर्तें पहले की तुलना में अधिक सख्त बताई जा रही हैं।

नई व्यवस्था के तहत भारतीय आमों के निर्यात के लिए अब कई अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। इनमें प्रमुख रूप से आमों को एक घंटे तक 48 डिग्री सेल्सियस तापमान पर गर्म पानी से ट्रीट करना शामिल है। इसके साथ ही निर्यातकों को यह प्रमाणित करना होगा कि भेजी जा रही खेप में किसी भी प्रकार के उच्च जोखिम वाले कीट मौजूद नहीं हैं। इन शर्तों का उद्देश्य नेपाल की कृषि सुरक्षा को सुनिश्चित करना बताया गया है।

यह कदम ऐसे समय पर आया है जब जापान ने भी ताज़े भारतीय आमों के आयात पर अस्थायी रोक लगा दी है। जापान भारतीय आमों के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रीमियम बाजार माना जाता है, जहां अल्फांसो, केसर, लंगड़ा और बंगनपल्ली जैसी किस्मों की अच्छी मांग रहती है। जापान की यह रोक भारतीय निर्यात क्षेत्र के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।

जापान द्वारा लगाए गए प्रतिबंध की वजह वेपर हीट ट्रीटमेंट (VHT) सुविधाओं में पाई गई कमियां बताई गई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्यूमिगेशन और डिसइंफेक्शन प्रक्रियाओं में कुछ तकनीकी खामियां सामने आई थीं, जिसके बाद ताज़े आमों के आयात पर रोक लगाने का फैसला लिया गया। इस वजह से निर्यात सीजन की शुरुआत में ही भारतीय आमों के व्यापार को झटका लगा है।

नेपाल और जापान दोनों देशों की इन नीतिगत कार्रवाइयों से भारतीय आम निर्यातकों पर दबाव बढ़ा है। उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी स्थिति बनाए रखने के लिए भारत को फाइटो-सैनिटरी मानकों और ट्रीटमेंट सुविधाओं को और मजबूत करना होगा।

भारत दुनिया के सबसे बड़े आम उत्पादक देशों में से एक है और यहां के आम वैश्विक बाजार में अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए प्रसिद्ध हैं। विशेष रूप से अल्फांसो आम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रीमियम उत्पाद माना जाता है। ऐसे में निर्यात पर किसी भी तरह की पाबंदी या सख्त शर्तें सीधे किसानों और निर्यात कारोबार पर असर डालती हैं।

फिलहाल नेपाल द्वारा शर्तों के साथ अनुमति देना एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, लेकिन जापान की रोक ने भारतीय निर्यात प्रणाली की चुनौतियों को उजागर कर दिया है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारत इन अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने के लिए क्या कदम उठाता है, ताकि आम निर्यात को स्थिर और मजबूत बनाए रखा जा सके।

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