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भारत से 1300 किमी दूर बनाया रहस्‍यमय 'एरिया-51, सैटेलाइट तस्वीरों से खुली चीन की पोल

Neha Dani
3 July 2021 6:25 AM GMT
भारत से 1300 किमी दूर बनाया रहस्‍यमय एरिया-51, सैटेलाइट तस्वीरों से खुली चीन की पोल
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यह एयर स्ट्रिप अंतरिक्ष में इंसानों को भेजने के लिए काफी बड़ी है।

लद्दाख में भारत से तनाव के बीच चीन शिनजियांग के लोप नूर में एक सीक्रेट एयरबेस को तेजी से विकसित कर रहा है। इस एयरबेस से जुड़ी जानकारियां इतनी गोपनीय हैं कि इसे चीन का एरिया-51 नाम दिया गया है। यह एयरबेस भारत के लेह एयर बेस से मात्र 1300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हाल में ही ली गई कॉमर्शियल सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि चीन इस एयरबेस को 2016 से ही तेजी से डेवलप कर रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि चीन इस एयरबेस से सैन्य अंतरिक्ष गतिविधियों को बढ़ाने की प्लानिंग कर रहा है।

सैटेलाइट तस्वीरों से खुली चीन की पोल
अमेरिका की एनजीओ मीडिया ऑर्गनाइजेशन एनपीआर ने मैक्सार टेक्नोलॉजीज की सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर चीन के इस सीक्रेट एयर बेस से जुड़ी कई जानकारियां साझा की है। इन तस्वीरों से पता चला है कि चीन ने बरसों से वीरान पड़े इस एयरबेस को फिर से विकसित करना शुरू किया है। इस बेस की हवाई पट्टी को 4.8 किलोमीटर लंबा किया गया है, जिससे बड़े जहाज और स्पेसशिप भी आसानी से लैंड हो जाए।
तेजी से एयरबेस को डेवलप कर रहा चीन
लोप नूर के इस एयरस्ट्रिप के पास एक दर्जन से अधिक कंक्रीट की बिल्डिंग भी बनती दिखाई दी हैं। अभी तक इस सीक्रेट एयरबेस पर घर और बाकी सुविधाएं नहीं थीं। लोप नूर चीन का पुराना परमाणु परीक्षण स्थल है। 2020 में कई ऑब्जवर्स ने दावा किया था कि चीन ने एक हाइली क्लासिफाइड स्पेस प्लेन को इस एयरबेस पर उतारा था। हालांकि, कोई भी यह नहीं जानता कि चीन का स्पेस प्लेन कैसा दिखता है।
सैन्य अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए बनेगा अड्डा
कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के एक वरिष्ठ विशेषज्ञ अंकित पांडा ने बताया कि मुझे लगता है कि यह चीन की सैन्य अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण बेस है। जिसे अब चीन तेजी से बढ़ाने में जुटा हुआ है। सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स हार्वर्ड और स्मिथसोनियन के एक खगोलशास्त्री जोनाथन मैकडॉवेल ने बताया कि यह एयर स्ट्रिप अंतरिक्ष में इंसानों को भेजने के लिए काफी बड़ी है।


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