
म्यांमार | म्यांमार में आए भीषण भूकंप के बाद हालात बिगड़ते जा रहे हैं। जहां एक तरफ लाखों लोग बेघर हो चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस आपदा से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से 8 मिलियन डॉलर की मदद की अपील की है।
भूकंप से म्यांमार के कई हिस्सों में जल आपूर्ति और सीवेज सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। राहत शिविरों में स्वच्छ पानी और दवाइयों की भारी कमी है, जिससे डेंगू, हैजा और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। WHO ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द जरूरी कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और भयावह हो सकती है।
देशभर में अस्पतालों में घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों की भारी कमी के कारण कई मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। WHO ने कहा है कि प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमें भेजी जाएंगी, लेकिन इसके लिए फंडिंग की सख्त जरूरत है।
WHO ने वैश्विक मदद की अपील की
WHO प्रमुख ने बयान जारी कर कहा कि म्यांमार में स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने और बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए कम से कम 8 मिलियन डॉलर की तत्काल सहायता की जरूरत है। संयुक्त राष्ट्र, रेड क्रॉस और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी राहत प्रयासों में सहयोग कर रही हैं।
आगे क्या?
म्यांमार सरकार और राहत एजेंसियां स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन आफ्टरशॉक्स और संसाधनों की कमी राहत कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मदद पर ही अब वहां के लोगों की उम्मीदें टिकी हुई हैं।





