
म्यांमार | म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप ने लाखों लोगों की जिंदगी तबाह कर दी। 7.2 तीव्रता के इस भूकंप ने देश में भारी तबाही मचाई, जिससे अब तक 1700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 35 लाख से अधिक लोग बेघर हो गए हैं। चारों ओर मलबा बिखरा पड़ा है, हजारों इमारतें जमींदोज हो गई हैं, और लोग बेघर होकर राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।
बीते दिन देर रात आए इस भूकंप ने कुछ ही मिनटों में शहरों और गांवों को खंडहर में बदल दिया। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग घरों से भागकर सड़कों पर आ गए। कई इलाकों में जमीन फटने की खबरें भी आई हैं, जिससे बचाव कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। राहत एजेंसियां मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटी हैं।
भूख और बीमारी का खतरा बढ़ा
भूकंप के बाद से प्रभावित इलाकों में पानी, बिजली और भोजन की भारी किल्लत हो गई है। शिविरों में रहने को मजबूर लाखों लोगों को पर्याप्त सहायता नहीं मिल पा रही है। अस्पतालों में घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन संसाधनों की कमी के चलते इलाज में दिक्कतें आ रही हैं। राहत टीमें लगातार कोशिश कर रही हैं, लेकिन सड़कें क्षतिग्रस्त होने के कारण मदद पहुंचाने में देरी हो रही है।
अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार
म्यांमार सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र, रेड क्रॉस और अन्य संगठनों ने राहत कार्य शुरू कर दिया है। भारत, चीन और थाईलैंड ने भी मदद भेजने की घोषणा की है।
आगे क्या?
भूकंप के झटके अभी भी महसूस किए जा रहे हैं, जिससे लोगों में दहशत बनी हुई है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आफ्टरशॉक्स का सिलसिला कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। राहत कार्य जारी हैं, लेकिन इतनी बड़ी तबाही के बाद सामान्य स्थिति बहाल करने में लंबा समय लग सकता है।





