
म्यांमार में आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई, जिसमें अब तक 1,000 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। भूकंप के बाद, कई लोग मलबे में दब गए और हजारों लोग घायल हुए हैं। इस आपदा के बाद भारत सरकार ने त्वरित राहत काम्यांमार भूकंप: मोदी ने जिन्टा प्रमुख से की बातर्य शुरू किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के सैन्य शासक मिन आंग हलिंग से फोन पर बातचीत की।
प्रधानमंत्री मोदी ने भूकंप से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और भारत की मदद की पेशकश की। उन्होंने म्यांमार को मदद के लिए हरसंभव समर्थन देने का आश्वासन दिया। इस आपदा को लेकर भारत ने 'ऑपरेशन ब्रह्मा' शुरू किया है, जिसके तहत 15 टन राहत सामग्री और मेडिकल आपूर्ति म्यांमार भेजी गई है। भारतीय वायुसेना की फ्लाइट्स म्यांमार पहुंच चुकी हैं और राहत कार्य में सहयोग कर रही हैं।
भूकंप के बाद म्यांमार के यंगून और आसपास के क्षेत्रों में बडे़ पैमाने पर बचाव कार्य चल रहा है। भारत ने NDRF की 8वीं बटालियन को भी मदद के लिए भेजा है, जो मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम कर रही है। भारतीय सरकार ने बताया है कि वह म्यांमार के लोगों की हर संभव सहायता के लिए तत्पर है और राहत सामग्री भेजने का सिलसिला जारी रखेगी।
म्यांमार के भूकंप ने इस देश को एक गंभीर संकट में डाल दिया है। जबकि कई अन्य देशों ने भी म्यांमार को सहायता का प्रस्ताव दिया है, भारत ने अपने निकट संबंधों के कारण सबसे पहले अपनी मदद की पेशकश की है।





