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Washington वाशिंगटन : मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव शेख मोहम्मद बिन अब्दुल करीम अल‑इसा ने अमेरिका में आयोजित नरसंहार स्मृति कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि यह केवल एक समुदाय की त्रासदी नहीं थी, बल्कि यह मानवता के खिलाफ हुआ बड़ा अपराध था। उन्होंने इतिहास की इस भयंकर त्रासदी को याद रखने और भविष्य में दोहराए जाने से रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अल‑इसा ने कहा कि जो लोग नरसंहार को नकारने या कम करके दिखाने की कोशिश करते हैं, वे इतिहास के सबसे भयानक पन्नों को भूलने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना था कि ऐसा करने से घृणा और नफरत की विचारधारा फैलती है, जो अंततः हिंसा को बढ़ावा देती है।
उन्होंने आगे कहा कि सत्य को स्वीकार करना और पीड़ितों का सम्मान करना मानवता की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी धर्मों और समुदायों से आग्रह किया कि वे ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा लें और साझा संदेश दें कि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।
कार्यक्रम का उद्देश्य नरसंहार के पीड़ितों और उनके परिवारों को याद करना, उनके बलिदान को सम्मान देना और वैश्विक समुदाय को एक सकारात्मक संदेश देना था। अल‑इसा ने कहा कि धर्म, संस्कृति या समुदाय चाहे जो भी हो, मानवता के प्रति सम्मान और करुणा बनाए रखना अनिवार्य है।
सारांश: मुस्लिम वर्ल्ड लीग के प्रमुख ने अमेरिका में नरसंहार की स्मृति को सम्मान देने और इतिहास से सीख लेकर मानवता की रक्षा करने पर बल दिया। उन्होंने वैश्विक समुदाय को सतर्क रहने और एक शांतिपूर्ण, समावेशी दुनिया की ओर बढ़ने का संदेश दिया।
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