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पाकिस्तान में खदान धंसी, बचाव दल जुटे

Saba Naaz
31 July 2026 7:53 PM IST
पाकिस्तान में खदान धंसी, बचाव दल जुटे
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इस्लामाबाद। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। राजधानी क्वेटा के बाहरी क्षेत्र में गुरुवार को एक कोयला खदान में हुए जोरदार विस्फोट में 34 से ज्यादा खनिकों की मौत हो गई। हादसे के बाद अब भी करीब 10 मजदूर खदान के अंदर फंसे हुए हैं, जिन्हें बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हादसा मीथेन गैस के जमा होने के कारण हुआ। अधिकारियों के अनुसार, खदान के अंदर गैस का स्तर बढ़ने से अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिससे खदान का बड़ा हिस्सा ढह गया। विस्फोट के समय खदान के प्रभावित हिस्से में करीब 36 मजदूर मौजूद थे।

बलूचिस्तान के खान और खनिज विकास मंत्री शोएब नोशेरवानी ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव टीमों को मौके पर भेजा गया। बचावकर्मियों ने काफी मुश्किल परिस्थितियों के बीच खदान के अंदर जाकर मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। शुरुआत में सात मजदूरों के शव बरामद किए गए, जिसके बाद मलबे से 25 और शव निकाले गए। मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती गई।

सरकारी खान निरीक्षक गनी बलोच ने बताया कि विस्फोट मीथेन गैस के कारण हुआ। उन्होंने कहा कि खदानों में गैस का जमा होना बेहद खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है। गैस के संपर्क में आते ही विस्फोट होने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे मजदूरों को बचने का मौका भी नहीं मिल पाता।

अधिकारियों के अनुसार, हादसे के बाद खदान के अंदर ऑक्सीजन का स्तर लगभग खत्म हो गया है। ऐसी स्थिति में अंदर फंसे मजदूरों के जीवित बचने की संभावना काफी कम हो जाती है। इसके बावजूद बचाव दल पूरी कोशिश कर रहे हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

प्रांत के मुख्य खान निरीक्षक मुहम्मद आतिफ ने बताया कि बचाव अभियान करीब 4,000 फीट यानी लगभग 1,219 मीटर की गहराई में चलाया जा रहा है। इतनी अधिक गहराई में काम करना बचाव दलों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है। जहरीली गैस, कम ऑक्सीजन और ढही हुई सुरंगों के कारण राहत कार्य में कई बाधाएं आ रही हैं।

अधिकारी अब्दुल गनी बलोच ने बताया कि मीथेन गैस के एक बड़े धमाके के कारण एक-दूसरे के पास स्थित दो खदानें भी प्रभावित हुई हैं। इससे हादसे का दायरा और बढ़ गया। बचाव दलों को मलबा हटाने और सुरंगों को सुरक्षित बनाने में काफी समय लग रहा है।

पाकिस्तान में कोयला खदान हादसे पहले भी होते रहे हैं। बलूचिस्तान समेत कई इलाकों में खदानों में सुरक्षा मानकों को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। मजदूरों की सुरक्षा के लिए बेहतर निगरानी, गैस डिटेक्शन सिस्टम और आपातकालीन सुविधाओं की कमी को इन हादसों की बड़ी वजह माना जाता है।

इस हादसे के बाद एक बार फिर खदानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और अधिकारियों से हादसे के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।

फिलहाल बचाव अभियान जारी है और अधिकारी फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों में शोक का माहौल है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।

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