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न्यूयॉर्क में RSS प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात

Kavita2
28 Aug 2026 10:35 AM IST
न्यूयॉर्क में RSS प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात
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न्यूयॉर्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क दौरे के दौरान आयोजित एक राउंडटेबल बैठक में भारतीय-अमेरिकी वेंचर कैपिटलिस्ट आशा जडेजा मोटवानी ने उनसे मुलाकात की। बैठक के बाद मोटवानी ने कहा कि भागवत का भारतीय युवाओं के प्रति विशेष झुकाव है और वह देश के युवाओं की क्षमता व उनकी आकांक्षाओं में गहरा विश्वास रखते हैं।

75 वर्षीय RSS प्रमुख मोहन भागवत ने इस बैठक में भारत-अमेरिका संबंधों, भारत के विकास, युवाओं की भूमिका और देश के भविष्य से जुड़े कई मुद्दों पर विचार साझा किए। बैठक में शामिल आशा जडेजा मोटवानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से बातचीत से जुड़ी प्रमुख बातें साझा कीं।

भारतीय युवाओं पर जताया भरोसा

सिलिकॉन वैली की वेंचर कैपिटलिस्ट आशा जडेजा मोटवानी ने कहा कि मोहन भागवत ने भारतीय युवाओं में "अटूट भरोसा" दिखाया। उन्होंने कहा कि भागवत उन बदलावों को लेकर सकारात्मक नजर आए, जिनकी मांग देश के युवा कर रहे हैं।

मोटवानी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जब उनसे पूछा गया कि क्या भागवत का किसी खास समूह के प्रति झुकाव है, तो उनका जवाब था कि हां, वह भारतीय युवाओं के प्रति झुकाव रखते हैं।

उन्होंने कहा कि भागवत का मानना है कि भारत के युवा देश को आगे ले जाने की क्षमता रखते हैं और भविष्य के निर्माण में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।

भारत-अमेरिका संबंधों पर हुई चर्चा

राउंडटेबल बैठक में भारत और अमेरिका के संबंधों को लेकर भी चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग बढ़ा है।

बैठक में भारत के विकास मॉडल, वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका और दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की भूमिका और योगदान पर भी चर्चा हुई।

मोटवानी के अनुसार, भागवत ने भारत की प्रगति और भविष्य को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण रखा।

युवाओं और बदलाव पर जोर

बैठक में युवाओं की सोच और बदलती सामाजिक जरूरतों को लेकर भी बातचीत हुई। मोटवानी ने कहा कि भागवत का मानना है कि युवा भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनकी ऊर्जा को सही दिशा देना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि भागवत युवाओं की आकांक्षाओं, नए विचारों और बदलाव की इच्छा को समझते हैं। उनके अनुसार, देश का भविष्य युवा पीढ़ी की भागीदारी और नवाचार पर निर्भर करेगा।

प्रवासी भारतीयों से संवाद

मोहन भागवत का न्यूयॉर्क दौरा प्रवासी भारतीय समुदाय से संवाद के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो शिक्षा, तकनीक, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

राउंडटेबल बैठक में शामिल लोगों ने भारत के विकास, वैश्विक मंच पर देश की बढ़ती भूमिका और प्रवासी भारतीयों के योगदान जैसे विषयों पर चर्चा की।

सिलिकॉन वैली की भूमिका पर चर्चा

आशा जडेजा मोटवानी सिलिकॉन वैली की जानी-मानी वेंचर कैपिटलिस्ट हैं और तकनीकी क्षेत्र में निवेश से जुड़ी रही हैं। उन्होंने बैठक के बाद भारत के युवाओं और तकनीकी क्षमता को लेकर अपने विचार साझा किए।

उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं में प्रतिभा और नए विचारों की कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें बेहतर अवसर और सही मंच उपलब्ध कराया जाए।

भारत के भविष्य को लेकर आशावादी दृष्टिकोण

बैठक के दौरान भारत के विकास और भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। भागवत ने भारत की सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी प्रगति से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।

मोटवानी ने कहा कि बातचीत से यह स्पष्ट हुआ कि भारत के भविष्य को लेकर भागवत का दृष्टिकोण आशावादी है। वह देश की युवा शक्ति को बदलाव का प्रमुख आधार मानते हैं।

सोशल मीडिया पोस्ट के बाद चर्चा

मोटवानी की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद मोहन भागवत की न्यूयॉर्क बैठक को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। उनकी ओर से साझा किए गए अनुभव में युवाओं, विकास और भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर हुई बातचीत का उल्लेख किया गया है।

हालांकि, बैठक में शामिल अन्य प्रतिभागियों या RSS की ओर से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। लेकिन मोटवानी की टिप्पणी ने भारतीय युवाओं और उनके भविष्य को लेकर चर्चा को फिर से केंद्र में ला दिया है।

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