
वर्ल्ड | अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी रहे मैट व्हिटकर को नाटो (NATO) में अमेरिका का नया राजदूत नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति को अमेरिकी सीनेट की मंजूरी मिल गई है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और नाटो देशों के बीच कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर चर्चाएं जारी हैं।
मैट व्हिटकर अमेरिकी राजनीति में एक बड़ा नाम हैं। उन्होंने ट्रंप प्रशासन के दौरान कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। वे लंबे समय से ट्रंप के करीबी माने जाते रहे हैं और रिपब्लिकन पार्टी में उनकी मजबूत पकड़ है।
व्हिटकर की नियुक्ति से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि अमेरिका नाटो के साथ अपने संबंधों को फिर से मजबूत करना चाहता है। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान नाटो को फंडिंग को लेकर आलोचना की थी, लेकिन अब इस नई नियुक्ति के साथ अमेरिका के रुख में कुछ बदलाव देखा जा सकता है।
मैट व्हिटकर अब नाटो में अमेरिका की नीतियों का प्रतिनिधित्व करेंगे और वहां रणनीतिक फैसलों में अहम भूमिका निभाएंगे। मौजूदा समय में रूस-यूक्रेन युद्ध और चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच यह जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि व्हिटकर की नियुक्ति से नाटो देशों के साथ अमेरिका की वार्ताओं में ट्रंप के विचारों की झलक देखने को मिलेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि वे नाटो में अमेरिका की उपस्थिति को किस तरह मजबूत करते हैं और आने वाले समय में वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर उनका क्या रुख रहेगा।





