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कोलंबिया में भूकंप से भारी नुकसान 132 लोगों की मौत 570 से ज्यादा घायल

nidhi
11 Aug 2026 7:35 AM IST
कोलंबिया में भूकंप से भारी नुकसान 132 लोगों की मौत 570 से ज्यादा घायल
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भूकंप से भारी तबाही 132 लोगों की मौत
बोगोटा: कोलंबिया में सोमवार को आए शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। पश्चिमी कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के इस भूकंप के बाद अब तक कम से कम 132 लोगों की मौत और 570 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। कई इमारतें ढह गई हैं, अस्पतालों और परिवहन व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है और मलबे में अभी भी लोगों के फंसे होने की आशंका है। राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है।
पश्चिमी कोलंबिया में आया शक्तिशाली भूकंप
भूकंप का केंद्र पश्चिमी कोलंबिया के चोको प्रांत में सैन जोसे डेल पालमार के पास बताया गया है। कोलंबिया की भूवैज्ञानिक सेवा के अनुसार भूकंप की तीव्रता 7.4 थी और इसका केंद्र जमीन के काफी भीतर था। इसके बावजूद झटकों ने देश के कई हिस्सों में भारी नुकसान पहुंचाया।
भूकंप के झटके राजधानी बोगोटा समेत कई प्रमुख शहरों में महसूस किए गए। काली, पेरेइरा, मनिज़ालेस और क्विब्दो जैसे शहरों में इमारतों और दूसरी संरचनाओं को नुकसान पहुंचा है। कुछ इलाकों में इमारतें पूरी तरह ढह गईं, जबकि कई घरों में दरारें और अन्य संरचनात्मक नुकसान सामने आए हैं।
132 लोगों की मौत, 570 से ज्यादा घायल
ताजा स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक मृतकों की संख्या बढ़कर 132 हो गई है, जबकि 570 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान अभी जारी है, इसलिए मृतकों और घायलों की संख्या में आगे बदलाव की आशंका है।
भूकंप के तुरंत बाद शुरुआती आंकड़ों में मौतों की संख्या कम थी, लेकिन जैसे-जैसे बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे और मलबे की जांच शुरू हुई, हताहतों की संख्या बढ़ती गई। कई दूरदराज के इलाकों में संचार और परिवहन प्रभावित होने के कारण नुकसान का पूरा आकलन करने में भी मुश्किलें आ रही हैं।
1,500 से ज्यादा घर प्रभावित
भूकंप से आवासीय इलाकों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। रिपोर्टों के अनुसार 1,500 से अधिक घर प्रभावित हुए हैं और कम से कम 61 इमारतें पूरी तरह ढह गई हैं। कई अन्य इमारतों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है।
काली और आसपास के इलाकों में कई संरचनाओं के ढहने की खबर है। मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका के चलते बचावकर्मी लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। कई स्थानों पर स्थानीय लोग भी राहतकर्मियों के साथ मलबा हटाने में जुट गए हैं। बचाव दलों ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की अपील की है।
राष्ट्रपति ने घोषित किया राष्ट्रीय आपातकाल
भूकंप की गंभीरता को देखते हुए कोलंबिया के राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने के लिए सुरक्षा बलों और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय किया है। सरकार का प्राथमिक ध्यान मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने, घायलों को अस्पताल पहुंचाने और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने पर है। राष्ट्रपति ने विस्थापित लोगों के लिए सहायता और आवास संबंधी मदद का भी भरोसा दिलाया है।
कई शहरों में तबाही
भूकंप का असर पश्चिमी और मध्य कोलंबिया के कई शहरों में दिखाई दिया है। काली और पेरेइरा सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में शामिल हैं। पेरेइरा में बड़ी संख्या में मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि काली में भी कई लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। मनिज़ालेस तथा अन्य शहरों में भी इमारतों और सार्वजनिक ढांचे को नुकसान पहुंचा है। अस्पतालों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। ऐसे में घायल लोगों के इलाज के लिए अस्थायी चिकित्सा व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय किया गया है।
एयरपोर्ट और परिवहन सेवाएं प्रभावित
भूकंप के कारण कई हवाई अड्डों पर भी परिचालन प्रभावित हुआ। काली, पेरेइरा, मनिज़ालेस, क्विब्दो, आर्मेनिया, कार्टागो और बुएनावेंतुरा के हवाई अड्डों पर नुकसान की जांच के चलते उड़ान संचालन बाधित हुआ। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में सड़कों और पुलों की स्थिति की भी जांच शुरू कर दी है। भूकंप के बाद कई जगह मलबा और क्षतिग्रस्त ढांचे परिवहन में बाधा बन रहे हैं। दूरदराज के चोको क्षेत्र में राहत सामग्री और बचाव दलों को पहुंचाना विशेष चुनौती बन सकता है।
भूकंप के बाद लगातार झटकों का खतरा
मुख्य भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक्स यानी बाद के झटके महसूस किए गए। रिपोर्टों के मुताबिक मुख्य भूकंप के बाद करीब 21 आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए हैं। आफ्टरशॉक्स पहले से क्षतिग्रस्त इमारतों के लिए अतिरिक्त खतरा पैदा कर सकते हैं। यही वजह है कि प्रभावित शहरों में प्रशासन लोगों को क्षतिग्रस्त भवनों के भीतर वापस जाने से रोक रहा है। बचावकर्मियों के लिए भी आफ्टरशॉक्स जोखिम पैदा करते हैं, क्योंकि मलबे में काम करते समय कमजोर संरचनाएं अचानक गिर सकती हैं।
यह इस सदी का सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया गया
कोलंबिया की भूवैज्ञानिक सेवा के अनुसार यह 21वीं सदी में देश में दर्ज सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया जा रहा है। कोलंबिया भूकंपीय गतिविधियों वाले क्षेत्र में स्थित है। देश का एक बड़ा हिस्सा प्रशांत क्षेत्र की सक्रिय भूगर्भीय पट्टी से प्रभावित होता है। यहां टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण समय-समय पर शक्तिशाली भूकंप आते रहे हैं। हालांकि इस बार भूकंप की गहराई काफी अधिक थी, लेकिन इसका केंद्र जिस क्षेत्र में था और स्थानीय भूगर्भीय परिस्थितियों के कारण कई स्थानों पर झटकों का प्रभाव बेहद गंभीर रहा।
लोग मलबे में फंसे, बचाव अभियान जारी
भूकंप के बाद सबसे बड़ी चिंता उन लोगों को लेकर है जो ढही हुई इमारतों के मलबे में फंसे हो सकते हैं। बचाव दल अत्याधुनिक उपकरणों के साथ मलबे में तलाश कर रहे हैं। कई जगहों पर राहतकर्मी लोगों की आवाज सुनने के लिए शांत वातावरण बनाने की कोशिश कर रहे हैं। स्थानीय नागरिक भी राहत कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। कुछ स्थानों पर लोगों को मलबा हटाते और घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाते देखा गया। बचावकर्मियों ने कई लोगों को मलबे से जिंदा निकालने में सफलता भी हासिल की है। इससे उम्मीद बनी हुई है कि और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है।
अस्पतालों पर बढ़ा दबाव
घायलों की बड़ी संख्या के कारण प्रभावित क्षेत्रों के अस्पतालों पर दबाव बढ़ गया है। कुछ अस्पतालों की इमारतों को खुद नुकसान पहुंचा है, जिससे मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा। कई जगह डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने अस्पतालों के बाहर या अस्थायी चिकित्सा केंद्रों में इलाज शुरू किया। सरकार अतिरिक्त मेडिकल टीमों और राहत सामग्री को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
लोगों को घरों से बाहर निकलने की सलाह
प्रशासन ने क्षतिग्रस्त इमारतों में वापस जाने से बचने की सलाह दी है। आफ्टरशॉक्स के खतरे के कारण कई परिवारों ने खुले स्थानों में रात बिताई। प्रभावित इलाकों में अस्थायी आश्रय बनाए जा रहे हैं ताकि जिन लोगों के घर रहने लायक नहीं रह गए हैं, उन्हें सुरक्षित स्थान मिल सके। सरकार विस्थापित परिवारों के लिए तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय मदद का भी हाथ
भूकंप की भयावहता के बाद कई देशों ने कोलंबिया को सहायता की पेशकश की है। अमेरिका ने राहत कार्यों के लिए 15.5 मिलियन डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है। अल सल्वाडोर, मैक्सिको और चिली समेत अन्य देशों ने भी मदद की पेशकश की है। अंतरराष्ट्रीय सहायता में राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और बचाव दल शामिल हो सकते हैं। हालांकि प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच और स्थानीय जरूरतों का आकलन राहत अभियान की गति तय करेगा।
हाल के क्षेत्रीय भूकंपों ने बढ़ाई चिंता
कोलंबिया में यह भूकंप ऐसे समय आया है जब दक्षिण अमेरिका के इसी व्यापक क्षेत्र में हाल के महीनों में कई शक्तिशाली भूकंप आए हैं। हालांकि विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि कोलंबिया के इस भूकंप और हाल में वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंपों के बीच फिलहाल कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे भूकंप अलग-अलग सामान्य भूकंपीय गतिविधियों का हिस्सा हो सकते हैं।
सरकार के सामने बड़ी चुनौती
अब कोलंबियाई सरकार के सामने तत्काल राहत के साथ-साथ बड़े पैमाने पर पुनर्वास की चुनौती है। जिन परिवारों के घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें अस्थायी आवास देना होगा। क्षतिग्रस्त सड़कों, अस्पतालों, हवाई अड्डों और सार्वजनिक इमारतों को फिर से चालू करना होगा। इसके अलावा यह भी जांचना होगा कि कितनी इमारतें भविष्य में रहने या इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षित हैं।
आगे बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा
राहत एवं बचाव अभियान अभी जारी है और कई इलाकों का पूरा आकलन बाकी है। इसलिए मृतकों और घायलों की संख्या आगे बढ़ सकती है। विशेषकर दूरदराज के चोको क्षेत्र में संचार और परिवहन की समस्याओं के कारण नुकसान का सही आंकड़ा सामने आने में समय लग सकता है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल मलबे में दबे लोगों को तलाशना और घायलों की जान बचाना है।
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