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होर्मुज जलडमरूमध्य को ट्रंप स्ट्रेट बताने वाला मैप शेयर ईरान का प्रस्ताव ठुकराया
Ratna Netam
26 Sept 2026 4:30 PM IST

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वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘Truth Social’ पर एक नक्शा साझा किया है, जिसमें सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को ‘Trump Strait’ के नाम से दिखाया गया है। हालांकि इस पोस्ट से जलडमरूमध्य के आधिकारिक नाम या उसकी कानूनी स्थिति में कोई बदलाव नहीं होता। यह पोस्ट ऐसे समय सामने आई है जब ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को सामान्य आवाजाही के लिए खोलने और परमाणु वार्ता फिर शुरू करने के लिए सात दिन का प्रस्ताव अमेरिका के सामने रखा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने ईरान के सात दिन के प्रस्ताव को मौजूदा स्वरूप में स्वीकार नहीं किया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि अगर अमेरिका तेहरान की शर्तों को स्वीकार करता है तो सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य से सामान्य समुद्री आवाजाही बहाल की जा सकती है और व्यापक बातचीत की प्रक्रिया दोबारा शुरू हो सकती है।ट्रंप द्वारा साझा किए गए नक्शे में होर्मुज जलडमरूमध्य को ‘Trump Strait’ के रूप में दिखाया गया। इससे पहले भी ट्रंप इस जलमार्ग को लेकर अमेरिकी नियंत्रण से जुड़ी टिप्पणियां कर चुके हैं। हालांकि उनका सोशल मीडिया पोस्ट किसी आधिकारिक भौगोलिक नाम परिवर्तन की घोषणा नहीं है।
ईरान की ओर से पेश किया गया प्रस्ताव मौजूदा तनाव को कम करने और कूटनीतिक बातचीत बहाल करने की कोशिश के रूप में सामने आया है। अरागची ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पत्रकारों से कहा कि यह प्रस्ताव मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिकी अधिकारियों तक पहुंचाया गया है।अरागची के अनुसार, अगर जरूरी शर्तें पूरी होती हैं तो जलडमरूमध्य को फिर से खोला जा सकता है और सात दिनों के भीतर सामान्य समुद्री यातायात बहाल किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सात दिनों की समय-सीमा अमेरिका द्वारा योजना स्वीकार किए जाने के बाद शुरू होगी।
ईरान के प्रस्ताव में अमेरिका से ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी हटाने, ईरानी तेल निर्यात के लिए प्रतिबंधों में राहत देने और सैन्य कार्रवाइयों को रोकने से संबंधित शर्तें रखी गई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, व्यापक ढांचे में लेबनान समेत अलग-अलग मोर्चों पर सैन्य गतिविधियों को रोकने जैसे विषय भी शामिल हैं।अरागची ने कहा कि ईरान की ओर से रखी गई शर्तें नई नहीं हैं। उनके मुताबिक, ये जून में पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता से बने समझ के ढांचे से जुड़ी हैं। प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोलने के बाद परमाणु कार्यक्रम समेत व्यापक मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ाने की बात है।
दूसरी तरफ ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपना कड़ा रुख दोहराया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी संदेह जताया कि तेहरान अमेरिकी शर्तों को स्वीकार करेगा या नहीं। मौजूदा गतिरोध के बीच उन्होंने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई फिर शुरू होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। संघर्ष से पहले दुनिया के समुद्री मार्ग से होने वाले तेल व्यापार का करीब पांचवां हिस्सा इस रास्ते से गुजरता था। इसलिए यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या जहाजों की आवाजाही में बाधा वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकती है।
हाल के महीनों में जलडमरूमध्य से तेल और अन्य जहाजों की आवाजाही सामान्य स्तर से कम रही है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उसके सहयोग से जहाज इस रास्ते से गुजर रहे हैं, लेकिन स्वतंत्र समुद्री ट्रैकिंग संस्थाओं के आंकड़े अमेरिकी अधिकारियों के कुछ दावों से अलग रहे हैं। इस कारण जलडमरूमध्य से वास्तविक तेल प्रवाह भी अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बहस का विषय बना हुआ है।
ईरान की ओर से सात दिनों के भीतर मार्ग खोलने का प्रस्ताव सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। प्रस्ताव से तनाव कम होने की संभावना के बीच कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव देखा गया। हालांकि किसी समझौते की पुष्टि नहीं होने के कारण स्थिति अभी अनिश्चित बनी हुई है।वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अपना प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया। एक अमेरिकी अधिकारी ने बातचीत को सकारात्मक और रचनात्मक बताया था, लेकिन साथ ही कहा था कि अमेरिका जल्दबाजी में नहीं है।
ईरान की ओर से भी यह संकेत दिया गया है कि वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन सैन्य दबाव और आर्थिक प्रतिबंधों के बीच बातचीत स्वीकार नहीं करना चाहता। तेहरान का कहना है कि अमेरिका को समझौते की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।इस पूरे विवाद में होर्मुज जलडमरूमध्य केवल समुद्री रास्ता नहीं बल्कि अमेरिका और ईरान के बीच रणनीतिक दबाव का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। जलमार्ग से होने वाला ऊर्जा व्यापार इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण बनाता है। यहां तनाव बढ़ने पर तेल और गैस की आपूर्ति, माल ढुलाई लागत और वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर असर पड़ सकता है।
फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है। ईरान सात दिन के प्रस्ताव के जरिए जलडमरूमध्य खोलने और बातचीत बहाल करने की पेशकश कर रहा है, जबकि ट्रंप प्रशासन अपनी शर्तों और सुरक्षा संबंधी मांगों पर जोर दे रहा है। इसी बीच ट्रंप का ‘Trump Strait’ वाला नक्शा दोनों देशों के बीच पहले से जारी राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव में नया प्रतीकात्मक घटनाक्रम बन गया है।अब नजर इस बात पर है कि मध्यस्थों के जरिए चल रही बातचीत आगे बढ़ती है या दोनों पक्ष अपने मौजूदा रुख पर कायम रहते हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य की रणनीतिक अहमियत को देखते हुए अमेरिका और ईरान के बीच होने वाला कोई भी फैसला न केवल पश्चिम एशिया बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर भी व्यापक असर डाल सकता है।
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