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कोरोना के डेल्‍टा वैरिएंट की चपेट में मैन्‍युफैक्‍चरिंग हब, अब व्‍यापक टेस्टिंग शुरू

Gulabi
21 Jun 2021 8:39 AM GMT
कोरोना के डेल्‍टा वैरिएंट की चपेट में मैन्‍युफैक्‍चरिंग हब, अब व्‍यापक टेस्टिंग शुरू
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चीन का सबसे अधिक आबादी वाला प्रांत गुआंगडॉन्‍ग भी अब कोरोना महामारी की चपेट में आ चुका है

चीन का सबसे अधिक आबादी वाला प्रांत गुआंगडॉन्‍ग भी अब कोरोना महामारी की चपेट में आ चुका है। यहां पर वायरस का डेल्‍टा वेरिएंट मिलने के बाद से मामलों में तेजी देखी गई है। इसके मद्देनजर यहां पर पूरी तरह से पांबदी लगा दी गई है और लोगों की टेस्टिंग शुरू कर दी गई है। इसके लिए हर शहर में व्‍यवस्‍था की गई है। आपको बता दें कि डेल्‍टा वेरिएंट अब तक दुनिया के 70 से अधिक देशों में अपनी मौजूदगी दर्ज करवा चुका है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने इसके प्रति पूरी दुनिया को आगाह करते हुए इसको पहले वाले सभी स्‍ट्रेन की तुलना में अधिक घातक बताया है। ब्रिटेन में इस वायरस के चलते नए मामले काफी बढ़ चुके हैं। अमेरिका में भी इसके कई मामले सामने आ चुके हैं।

गुआंगडॉन्‍ग के प्रशासन ने लोगों से बिना किसी जरूरी काम के घर से बाहर निकलने को मना किया है। घर से बाहर निकलने वालों को 48 घंटों के अंदर अपनी नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक यहां पर 21 मई से अब तक 168 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें भी करीब 90 फीसद मामले इस प्रांत की राजधानी गुआंगझो में ही सामने आए हं। हालांकि दुनिया के दूसरे देशों के मुकाबले चीन में सामने आए मामलों की संख्‍या काफी कम है।
चीन के उत्‍तर पूर्वी क्षेत्र में दिसंबर 2020-जनवरी 2021 के बीच 1150 मामले सामने आए थे। तब के बाद से अब पहली बार कोरोना संक्रमण के इतने मामले सामने आए हैं। आपको बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण की शुरुआत दिसंबर 2019 के मध्‍य में चीन के वुहांग शहर से ही हुई थी। हालांकि चीन अब एक रिपोर्ट के आधार पर कह रहा है कि चीन में इसका पहला मामला सामने आने से पहले ही इसके सात मामले अमेरिका के पांच राज्‍यों से सामने आ चुके थे।
कोरोना उत्‍पत्ति को लेकर विश्‍व के कई बड़े देश लगातार चीन पर अंगुली उठा रहे हैं। अमेरिका का कहना है इसकी निष्‍पक्ष जांच होनी जरूरी है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि उसके पास इस बात के पुख्‍ता सुबूत हैं कि इसकी उत्‍पत्ति में चीन की वुहान लैब शामिल है। वहीं कई अन्‍य देश भी अमेरिका के इस बयान का समर्थन कर रहे हैं। हालांकि चीन का कहना है कि क्‍योंकि अमेरिकी रिपोर्अ में ये खुलासा किया गया है कि दिसंबर 2019 की शुरुआत में ही इसके मामले यूएस में सामने आ चुके थे, लिहाजा अब जांच अमेरिका पर केंद्रित होनी चाहिए।
गौरतलब है कि गुआंगडॉन्‍ग प्रांत देश का एक मैनिफैक्‍चरिंग हब भी है। इसलिए यहां पर काफी संख्‍या में बाहर से भी लोग आते हैं और कार्गो भी काफी आते हैं। प्रशासन ने ताजा हालातों के मद्देनजर कहा है कि वो किसी भी तरह का कोई खतरा नहीं ले सकते हैं। प्रशासन का ये भी कहना है कि बीते दो दिनों से गुआंगडॉन्‍ग की राजधानी में कोई नया मामला सामने नहीं आया है लेकिन दूसरी जगहों पर लगातार मामले सामने हा रहे हैं।
चीन के विशेषज्ञों का कहना है कि गुआंगझू वायरस के डेल्‍टा वैरिएंट से जूझ रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ये दूसरे राज्‍यों और शहरों में भी हालात खराब कर सकता है। नेशनल हेल्‍थ कमीशन का कहना है कि चीन की मुख्‍यभूमि पर कोरोना के करीब 17 नए मामले सामने आए हैं। हालांकि ये मामले रविवार को सामने आए 23 मामलों से कम हैं। यहां पर डॉन्‍गगुआन में लोकल इंफेक्‍शन का एक मामला सामने आया है जबकि अन्‍य मामले बाहर से सामने आए हैं। चीन में अब तक कोरोना संक्रमण के कुल मामले 91604 समाने आ चुके हैं जबकि 4636 मौत हो चुकी हैं।


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