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अमेरिका का बड़ा हथियार सौदा इजरायल को मिलेंगे 2000 पाउंड वाले खतरनाक बम

nidhi
16 Sept 2026 11:48 AM IST
अमेरिका का बड़ा हथियार सौदा इजरायल को मिलेंगे 2000 पाउंड वाले खतरनाक बम
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ट्रंप का बड़ा दांव
वॉशिंगटन: अमेरिका और इजरायल के बीच रक्षा सहयोग को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्टों के मुताबिक ट्रंप प्रशासन इजरायल को भारी क्षमता वाले बमों की आपूर्ति को मंजूरी देने की तैयारी कर रहा है। इनमें MK-84 और BLU-117 जैसे 2,000 पाउंड श्रेणी के बम शामिल हैं। यह सौदा ऐसे समय में चर्चा में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है। अमेरिकी रक्षा सौदों में MK-84 और BLU-117 को भारी विस्फोटक बमों की श्रेणी में रखा जाता है। इनका इस्तेमाल बड़े सैन्य लक्ष्यों और मजबूत संरचनाओं को निशाना बनाने के लिए किया जाता है। इन हथियारों की क्षमता के कारण इन्हें रणनीतिक हमलों में उपयोग किया जाता है। रिपोर्टों के अनुसार इस हथियार सौदे का उद्देश्य इजरायल की सैन्य जरूरतों को पूरा करना बताया जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का तर्क रहा है कि इजरायल को अपनी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए रक्षा सहायता की जरूरत है। वहीं आलोचक ऐसे हथियारों की आपूर्ति को लेकर नागरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका जताते रहे हैं।
क्या हैं MK-84 और BLU-117?
MK-84 अमेरिका का एक पारंपरिक सामान्य उद्देश्य वाला बम है, जिसका वजन करीब 2,000 पाउंड (लगभग 900 किलोग्राम) होता है। इसका इस्तेमाल बड़े लक्ष्यों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाता है। BLU-117 भी इसी श्रेणी का भारी बम है। इसे कई बार गाइडेड बम सिस्टम के हिस्से के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसकी डिजाइन मजबूत लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए की गई है। इन हथियारों को सीधे मिसाइल नहीं कहा जाता, बल्कि ये विमान से गिराए जाने वाले बम होते हैं। आधुनिक युद्ध में इन्हें सटीक निशाने के लिए अलग-अलग गाइडेंस सिस्टम के साथ जोड़ा जा सकता है।
ट्रंप प्रशासन की नीति
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अपने कार्यकाल में इजरायल के साथ रक्षा सहयोग को प्राथमिकता दी है। अमेरिकी सरकार का रुख रहा है कि इजरायल को अपनी सुरक्षा बनाए रखने के लिए सैन्य सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। हालांकि हथियारों की बिक्री से जुड़े हर सौदे में अमेरिकी प्रशासन, विदेश विभाग और कांग्रेस की प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। हथियारों की अंतिम आपूर्ति राजनीतिक, कानूनी और रणनीतिक मंजूरी पर निर्भर करती है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
भारी क्षमता वाले हथियारों की आपूर्ति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस होती रही है। कुछ देशों और मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है कि ऐसे हथियारों के इस्तेमाल से संघर्ष क्षेत्रों में आम नागरिक प्रभावित हो सकते हैं। दूसरी ओर अमेरिका और इजरायल का कहना है कि सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य सुरक्षा खतरों से निपटना होता है और हथियारों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप किया जाता है।
पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव
इजरायल और क्षेत्रीय संगठनों के बीच संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया पहले से तनावपूर्ण स्थिति में है। ऐसे में अमेरिका से मिलने वाली अतिरिक्त सैन्य सहायता को लेकर अलग-अलग देशों की प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। फिलहाल MK-84 और BLU-117 जैसे हथियारों की संभावित बिक्री को लेकर अंतिम आधिकारिक विवरण और समयसीमा संबंधित प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी। हथियार सौदे का वास्तविक प्रभाव इसके इस्तेमाल और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।
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