विश्व

रूस के अंदर यूक्रेन की बड़ी कार्रवाई, रोस्तोव में रक्षा प्रतिष्ठान को बनाया निशाना

Ratna Netam
1 Nov 2026 7:26 PM IST
रूस के अंदर यूक्रेन की बड़ी कार्रवाई, रोस्तोव में रक्षा प्रतिष्ठान को बनाया निशाना
x
कीव। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया है कि यूक्रेनी बलों ने रूस के रोस्तोव क्षेत्र में स्थित एक रक्षा प्रतिष्ठान को निशाना बनाया है। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव और रूस के भीतर यूक्रेन की हमलावर क्षमता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, हमले से हुए नुकसान, संभावित हताहतों और संबंधित प्रतिष्ठान की वास्तविक स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है।रोस्तोव क्षेत्र रूस के दक्षिणी हिस्से में स्थित है और यूक्रेन के खिलाफ रूसी सैन्य अभियानों के लिहाज से रणनीतिक महत्व रखता है। ऐसे में इस क्षेत्र के किसी रक्षा प्रतिष्ठान को निशाना बनाए जाने का दावा युद्ध की मौजूदा परिस्थितियों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।यूक्रेन के राष्ट्रपति ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को जानकारी दी कि यूक्रेनी रक्षा बलों ने रूस के रोस्तोव क्षेत्र में स्थित कामेंस्की संयंत्र को निशाना बनाया। उनके मुताबिक, यह प्रतिष्ठान रूस के रक्षा उद्योग से जुड़ा है और मिसाइल उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री तैयार करता है। जेलेंस्की ने इस अभियान को रूस की सैन्य उत्पादन क्षमता कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया।
ड्रोन और नेप्च्यून मिसाइलों से हमला करने का दावा
यूक्रेनी सेना के जनरल स्टाफ के अनुसार, 30 से 31 अक्टूबर की रात रोस्तोव क्षेत्र के कामेंस्क-शाख्तिंस्की में स्थित कामेंस्की संयंत्र पर ड्रोन और नेप्च्यून क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। यूक्रेनी अधिकारियों ने दावा किया कि हमले के बाद संयंत्र के तैयार उत्पादों वाले गोदाम में आग लग गई और चार उत्पादन कार्यशालाओं को नुकसान पहुंचा।यूक्रेनी सेना का कहना है कि यह संयंत्र ठोस रॉकेट ईंधन तैयार करता है, जिसका इस्तेमाल विभिन्न रॉकेट प्रणालियों, मिसाइलों और विमानन हथियारों में किया जाता है। हालांकि, संयंत्र को हुए वास्तविक नुकसान का स्वतंत्र आकलन अभी सामने नहीं आया है।
रूसी एयर डिफेंस सिस्टम को भी निशाना बनाया
जेलेंस्की ने दावा किया कि यूक्रेनी बलों ने कामेंस्की संयंत्र के अतिरिक्त रूस की वायु रक्षा प्रणाली से जुड़े दो महत्वपूर्ण सैन्य उपकरणों पर भी हमला किया।इनमें पैंटसिर-एस2 एयर डिफेंस सिस्टम और एस-400 ट्रायम्फ प्रणाली से जुड़ा कमांड एवं स्टाफ वाहन शामिल है। यूक्रेनी राष्ट्रपति के अनुसार, निशाना बनाए गए इन वायु रक्षा उपकरणों की कुल अनुमानित कीमत लगभग सात करोड़ अमेरिकी डॉलर है।पैंटसिर-एस2 रूस की कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली है, जिसका उपयोग ड्रोन, मिसाइलों और अन्य हवाई खतरों से सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए किया जाता है। वहीं, एस-400 लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणाली है।जेलेंस्की ने यूक्रेन की सुरक्षा सेवा और रक्षा बलों के जवानों की कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि यूक्रेन रूस की सैन्य क्षमता को सीमित करने के लिए अपने प्रयास जारी रखेगा।
रूस के भीतर सैन्य ठिकानों पर बढ़ रहे हमले
यूक्रेन पिछले कुछ समय से रूस के भीतर स्थित तेल रिफाइनरियों, सैन्य कारखानों, हथियार निर्माण प्रतिष्ठानों और अन्य रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहा है।इन हमलों का घोषित उद्देश्य रूसी सेना के लिए हथियारों, ईंधन और सैन्य उपकरणों की आपूर्ति को प्रभावित करना है। यूक्रेन का तर्क है कि रूस लगातार उसके शहरों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले कर रहा है, इसलिए वह अपनी रक्षा के लिए रूस के सैन्य संसाधनों को निशाना बना रहा है।रोस्तोव क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भी इसे महत्वपूर्ण बनाती है। यह क्षेत्र यूक्रेन की सीमा के नजदीक स्थित है और रूस के सैन्य परिवहन तथा औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है।इससे पहले भी यूक्रेनी बल रोस्तोव क्षेत्र में सैन्य और औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर हमले करने का दावा कर चुके हैं।
रूसी हमलों से यूक्रेन में बिजली संकट
रोस्तोव में हमले की जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब रूस ने भी यूक्रेन के कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं।जेलेंस्की के अनुसार, 31 अक्टूबर की रात से 1 नवंबर की सुबह तक रूसी हमलों में यूक्रेन के चार क्षेत्रों की ऊर्जा संरचनाओं को निशाना बनाया गया। इसके कारण लाखों घरों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक, रूस ने शनिवार शाम से रविवार सुबह तक कुल 433 ड्रोन दागे। यूक्रेन ने इनमें से 371 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है।राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि रूस यूक्रेन के पास बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने वाली रक्षा प्रणालियों की कमी का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है।सर्दियों के करीब आने के साथ ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले यूक्रेन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने से आम नागरिकों के दैनिक जीवन, उद्योगों और आवश्यक सेवाओं पर असर पड़ रहा है।
रूस ने 235 यूक्रेनी ड्रोन गिराने का दावा किया
दूसरी ओर रूस ने भी यूक्रेन की ओर से बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए जाने की जानकारी दी है। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रातभर में 235 यूक्रेनी ड्रोन नष्ट किए।रूस के निजनी नोवगोरोद क्षेत्र के गवर्नर ग्लीब निकितिन ने एक औद्योगिक प्रतिष्ठान को ड्रोन हमले से नुकसान पहुंचने की जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने प्रभावित प्रतिष्ठान का नाम सार्वजनिक नहीं किया।रोस्तोव के कामेंस्की संयंत्र पर हुए कथित हमले को लेकर रूस की ओर से तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। इसलिए यूक्रेन के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
युद्ध समाप्त होने के संकेत नहीं
रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 से जारी व्यापक युद्ध में दोनों देशों को भारी सैन्य और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। युद्ध के दौरान ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है।हाल के महीनों में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की ऊर्जा और सैन्य संरचनाओं को निशाना बनाने की रणनीति अपनाई है। इससे युद्ध का प्रभाव अग्रिम मोर्चों से दूर स्थित औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच गया है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध समाप्त करने और संघर्षविराम लागू कराने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन व्यापक शांति समझौते पर सहमति नहीं बन सकी है।यूक्रेन का कहना है कि वह अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सैन्य अभियान जारी रखेगा। वहीं, रूस अपने सैन्य अभियानों को जारी रखे हुए है।रोस्तोव में रक्षा प्रतिष्ठान पर हमले का जेलेंस्की का ताजा दावा दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच लंबी दूरी के हमलों का सिलसिला जारी है। आने वाले दिनों में इस हमले से हुए वास्तविक नुकसान और रूस की प्रतिक्रिया पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रहेगी।
Next Story