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ट्रंप को बड़ा झटका, हाउस चुनाव में डेमोक्रेट्स की बढ़त, बहुमत की लड़ाई तेज

nidhi
4 Nov 2026 9:11 AM IST
ट्रंप को बड़ा झटका, हाउस चुनाव में डेमोक्रेट्स की बढ़त, बहुमत की लड़ाई तेज
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अमेरिकी चुनाव में ट्रंप को झटका
वॉशिंगटन: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव 2026 के नतीजों और शुरुआती रुझानों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी मजबूत प्रदर्शन करती दिखाई दे रही है। कई महत्वपूर्ण सीटों पर डेमोक्रेट्स की बढ़त ने अमेरिकी राजनीति में हलचल तेज कर दी है।
अमेरिका में मंगलवार, 3 नवंबर को मध्यावधि चुनावों के लिए मतदान हुआ। इन चुनावों को राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है। चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों के साथ सीनेट की कुछ सीटों और विभिन्न राज्यों के महत्वपूर्ण पदों के लिए भी मतदान हुआ। मतगणना के शुरुआती चरण में डेमोक्रेटिक पार्टी को कई क्षेत्रों में सफलता मिलती दिखाई दी है। विशेष रूप से उन निर्वाचन क्षेत्रों में मुकाबला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां पहले रिपब्लिकन पार्टी की स्थिति मजबूत थी। सुबह 8:44 बजे भारतीय समय के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, हाउस की 107 सीटों पर डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों और 62 सीटों पर रिपब्लिकन उम्मीदवारों की जीत दर्ज हो चुकी थी। इसके अतिरिक्त डेमोक्रेट्स 92 और रिपब्लिकन 82 सीटों पर आगे चल रहे थे।
ये आंकड़े मतगणना के एक चरण की स्थिति दर्शाते हैं। कई सीटों के परिणाम घोषित होना बाकी थे, इसलिए अंतिम राजनीतिक तस्वीर स्पष्ट नहीं हुई थी। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करने के लिए किसी भी दल को कम से कम 218 सीटों की जरूरत होती है। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के लिए प्रत्येक सीट महत्वपूर्ण है। डेमोक्रेटिक पार्टी यदि हाउस में बहुमत हासिल कर लेती है, तो राष्ट्रपति ट्रंप के लिए विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि हाउस में डेमोक्रेट्स की संभावित जीत का मतलब यह नहीं होगा कि राष्ट्रपति ट्रंप को अपना पद छोड़ना पड़ेगा। अमेरिका में राष्ट्रपति और कांग्रेस के चुनाव अलग-अलग होते हैं। मध्यावधि चुनाव मुख्य रूप से कांग्रेस में राजनीतिक दलों की ताकत तय करते हैं।
चुनाव प्रचार के दौरान महंगाई, ईंधन की कीमतों, रोजगार, विदेश नीति और आम लोगों के जीवनयापन की लागत जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने इन विषयों को लेकर ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठाए। दूसरी ओर, रिपब्लिकन पार्टी ने राष्ट्रपति ट्रंप की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी नीतियों का समर्थन करते हुए मतदाताओं से समर्थन मांगा। दोनों दलों ने चुनाव प्रचार में एक-दूसरे पर तीखे राजनीतिक हमले भी किए।
शुरुआती नतीजों में उत्तरी कैरोलिना की एक हाउस सीट रिपब्लिकन पार्टी से डेमोक्रेट्स के खाते में जाने की खबर सामने आई। कई अन्य प्रतिस्पर्धी निर्वाचन क्षेत्रों में भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवार मजबूत स्थिति में दिखाई दिए। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मध्यावधि चुनावों में सत्तारूढ़ राष्ट्रपति की पार्टी को नुकसान होना अमेरिकी राजनीति में असामान्य नहीं है। मतदाता अक्सर इन चुनावों के जरिए राष्ट्रपति प्रशासन की नीतियों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं।
यदि डेमोक्रेट्स हाउस में बहुमत हासिल करते हैं, तो कांग्रेस की समितियों, बजट प्रस्तावों और महत्वपूर्ण विधायी फैसलों पर उनका प्रभाव बढ़ सकता है। इससे राष्ट्रपति ट्रंप और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव की संभावना भी बढ़ेगी। वहीं सीनेट में बहुमत का सवाल भी महत्वपूर्ण बना हुआ है। दोनों सदनों में अलग-अलग दलों का नियंत्रण होने की स्थिति में कानून बनाने की प्रक्रिया अधिक जटिल हो सकती है। फिलहाल अमेरिका में मतगणना जारी है और कई महत्वपूर्ण सीटों पर अंतिम परिणाम आने बाकी हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त को राष्ट्रपति ट्रंप के लिए राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है, लेकिन प्रतिनिधि सभा में अंतिम बहुमत की स्थिति सभी आवश्यक परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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