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खामेनेई के अंतिम संस्कार में बड़ा फैसला, बेटे मोजतबा खामेनेई नहीं होंगे शामिल

Shantanu Roy
2 July 2026 8:21 PM IST
खामेनेई के अंतिम संस्कार में बड़ा फैसला, बेटे मोजतबा खामेनेई नहीं होंगे शामिल
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Iran. ईरान। ईरान में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर व्यापक तैयारियां चल रही हैं। देशभर में गम का माहौल है और तेहरान, क़ोम, मशहद, इस्फ़हान और शिराज सहित कई शहरों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है। इस बीच अंतिम संस्कार से जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है कि उनके बेटे और मौजूदा सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई इस कार्यक्रम में सार्वजनिक रूप से उपस्थित नहीं होंगे।
देशभर में अंतिम संस्कार की तैयारियां
सूत्रों के अनुसार, अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की नमाज और अंतिम यात्रा के लिए ईरान में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) और अन्य सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है। 4 जुलाई से अंतिम संस्कार की औपचारिक शुरुआत होगी, जबकि 9 जुलाई को उनका अंतिम संस्कार मशहद में संपन्न किया जाएगा। देश के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक शहरों में भारी भीड़ जुटने की संभावना है, जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत सख्त किया गया है।
सार्वजनिक रूप से नहीं दिखेंगे मोजतबा खामेनेई
सबसे अहम बात यह है कि अली खामेनेई के बेटे और उत्तराधिकारी माने जा रहे मोजतबा खामेनेई इस जनाजे में सार्वजनिक रूप से हिस्सा नहीं लेंगे। बताया जा रहा है कि यह निर्णय सुरक्षा कारणों से लिया गया है। ईरान के प्रतिनिधि अयातुल्ला हकीम इलाही ने इस मामले पर कहा कि मोजतबा खामेनेई स्वयं इस कार्यक्रम में लोगों के बीच आकर नेतृत्व करना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें सार्वजनिक रूप से उपस्थित होने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना संभव नहीं है, इसलिए उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रम से दूर रहने की सलाह दी गई है।
सुरक्षा कारणों का हवाला
अधिकारियों के अनुसार, इस समय क्षेत्रीय तनाव और तकनीकी निगरानी की संभावनाओं को देखते हुए बड़े नेताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे हैं। इसी कारण मोजतबा खामेनेई को भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम से दूर रखा गया है। अयातुल्ला हकीम इलाही ने कहा कि आधुनिक तकनीक के कारण किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति को ट्रैक किया जा सकता है, जिससे सुरक्षा जोखिम और बढ़ जाता है। इसलिए यह फैसला लिया गया कि वे अंतिम संस्कार में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं होंगे।
नेतृत्व और धार्मिक प्रक्रिया
बताया गया है कि अली खामेनेई ने अपने अंतिम संस्कार की नमाज पढ़ाने के लिए किसी विशेष व्यक्ति को नामित नहीं किया था। परंपरा के अनुसार, ऐसे अवसरों पर उत्तराधिकारी या वरिष्ठ धार्मिक नेता ही इस प्रक्रिया का नेतृत्व करते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में सुरक्षा कारणों से बदलाव किया गया है।
ईरान में शोक और माहौल
पूरे ईरान में इस समय शोक का माहौल है। लोग अपने धार्मिक और राजनीतिक नेता को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में जुटने की तैयारी कर रहे हैं। प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। IRGC और सुरक्षा बल लगातार निगरानी में जुटे हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
प्रतिनिधि का बयान
अयातुल्ला हकीम इलाही ने कहा कि यह समय ईरान के लिए संवेदनशील है, लेकिन देश ने कठिन परिस्थितियों में भी मजबूती दिखाई है। उन्होंने दावा किया कि इस संघर्ष में ईरान विजयी होकर उभरा है और जो लोग सत्य के साथ हैं, वे इस कार्यक्रम का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वे स्वयं इस अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए तेहरान जा रहे हैं।
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