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बीजिंग। चीन के प्रमुख बंदरगाह शहर किंगदाओ में गुरुवार को एक मालवाहक जहाज में अचानक लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। जहाज मरम्मत के लिए शिपयार्ड में खड़ा था, तभी उसमें आग भड़क उठी। शुरुआती रिपोर्टों में कम से कम 20 लोगों की मौत और पांच लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन बाद में चीन की सरकारी मीडिया के हवाले से आई ताजा रिपोर्ट में **मृतकों की संख्या बढ़कर 25 हो गई।** हादसे के समय जहाज पर कुल 42 लोग मौजूद थे।
घटना चीन के पूर्वी तट पर स्थित किंगदाओ के **Beihai Shipbuilding Co.** के शिपयार्ड में हुई। हादसे का शिकार जहाज **Ocean Melody** बताया गया है, जो लाइबेरिया के झंडे के तहत संचालित होता है। जहाज बंदरगाह पर मरम्मत और रखरखाव के लिए मौजूद था। इसी दौरान गुरुवार सुबह करीब 11 बजे उसमें आग लग गई। आग इतनी गंभीर थी कि उसे पूरी तरह नियंत्रित करने में दमकल कर्मियों को करीब साढ़े तीन घंटे लग गए।
पहले आई थी 20 लोगों की मौत की खबर
हादसे के तुरंत बाद चीन की सरकारी मीडिया ने कम से कम 20 लोगों की मौत की जानकारी दी थी। उस समय पांच लोगों के लापता होने की बात भी सामने आई थी। इसी वजह से शुरुआती अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 20 बताई गई।
हालांकि बाद में बचाव अभियान आगे बढ़ने पर मौत का आंकड़ा 25 तक पहुंच गया। इसलिए इस खबर का नवीनतम उपलब्ध आंकड़ा **25 मृतक** है।
यह हादसा चीन के महत्वपूर्ण समुद्री और औद्योगिक केंद्र में हुआ है, जिससे शिपयार्ड में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
जहाज पर सवार थे 42 लोग
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक हादसे के समय जहाज पर कुल **42 लोग** मौजूद थे।
इनमें से 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पांच अन्य लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों के मुताबिक घायलों की हालत स्थिर बताई गई है।
शुरुआती आंकड़ों में पांच लोगों को लापता बताया गया था। बाद की रिपोर्ट में मृतकों की संख्या बढ़कर 25 हो गई।
इस तरह घटना ने चीन के समुद्री उद्योग में हाल के समय की गंभीर औद्योगिक दुर्घटनाओं में जगह बना ली है।
सुबह 11 बजे अचानक भड़की आग
जानकारी के मुताबिक जहाज में आग स्थानीय समय के अनुसार गुरुवार सुबह करीब **11 बजे** लगी।
Ocean Melody उस समय समुद्र में यात्रा नहीं कर रहा था बल्कि शिपयार्ड में मरम्मत के लिए खड़ा था।
आग लगने के बाद शिपयार्ड में अफरा-तफरी मच गई। घटनास्थल पर दमकल और बचाव दल को भेजा गया। जहाज के अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की गई।
ऑनलाइन सामने आए वीडियो में जहाज पर मौजूद कर्मचारी आग बुझाने की कोशिश करते दिखाई दिए।
साढ़े तीन घंटे बाद बुझी आग
आग पर काबू पाना आसान नहीं था।
करीब सुबह 11 बजे शुरू हुई आग को दोपहर **2:30 बजे** तक पूरी तरह बुझाया जा सका। यानी दमकल कर्मियों और शिपयार्ड की आपात टीम को लगभग साढ़े तीन घंटे तक आग से जूझना पड़ा।
इस दौरान सबसे बड़ी प्राथमिकता जहाज के अंदर फंसे लोगों को बचाना और आग को दूसरे हिस्सों तक फैलने से रोकना थी।
मालवाहक जहाजों की मरम्मत के दौरान ईंधन, मशीनरी, बिजली के उपकरण, वेल्डिंग और दूसरे औद्योगिक काम होते हैं। हालांकि इस विशेष हादसे में आग किस वजह से लगी, इसकी आधिकारिक वजह अभी सामने नहीं आई है।
कैसे लगी आग अभी साफ नहीं
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल आग लगने के कारण को लेकर है।
ताजा आधिकारिक रिपोर्टों में आग की निश्चित वजह नहीं बताई गई है। अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। इसलिए किसी तकनीकी खराबी, विस्फोट, वेल्डिंग या दूसरे कारण को फिलहाल घटना की वजह मानना जल्दबाजी होगी।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि आग सबसे पहले जहाज के किस हिस्से में लगी और उस समय वहां किस तरह का मरम्मत कार्य चल रहा था।
इसके अलावा जहाज और शिपयार्ड की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच होने की संभावना है।
लाइबेरिया के झंडे वाला था Ocean Melody
हादसे का शिकार मालवाहक जहाज **Ocean Melody** है।
शिन्हुआ द्वारा जारी तस्वीर से जहाज की पहचान हुई, जबकि जहाज ट्रैकिंग जानकारी के मुताबिक यह लाइबेरिया के झंडे के तहत संचालित होता है।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में यह सामान्य व्यवस्था है कि जहाज किसी एक देश की कंपनी या ऑपरेटर से जुड़े होने के बावजूद किसी दूसरे देश के झंडे के तहत पंजीकृत हों।
Ocean Melody घटना के समय यात्रा पर नहीं था। वह किंगदाओ के शिपयार्ड में मरम्मत के लिए खड़ा था।
चीन का बड़ा समुद्री केंद्र है किंगदाओ
किंगदाओ चीन के पूर्वी तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण बंदरगाह और औद्योगिक शहर है।
यह चीन के प्रमुख शिपिंग हब में शामिल है और यहां बड़े स्तर पर जहाज निर्माण तथा जहाजों की मरम्मत का काम होता है।
जिस **Beihai Shipbuilding** परिसर में हादसा हुआ, वह चीन की सरकारी नियंत्रण वाली **China State Shipbuilding Corporation** का हिस्सा है। AP के मुताबिक यह समूह दुनिया के सबसे बड़े जहाज निर्माण संगठनों में शामिल है।
Beihai Shipbuilding का प्रमुख कारोबार नए जहाजों के निर्माण के साथ पुराने जहाजों की मरम्मत और रखरखाव भी है।
इस वजह से इतनी बड़ी दुर्घटना ने औद्योगिक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा की है।
शी जिनपिंग ने दिए तत्काल बचाव के निर्देश
हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चीन के राष्ट्रपति **शी जिनपिंग** ने खुद घटना पर निर्देश जारी किए।
चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक राष्ट्रपति ने बचाव अभियान को तेजी से आगे बढ़ाने और जहाज पर मौजूद लोगों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा।
उन्होंने भविष्य में इस तरह की बड़ी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को पूरी तरह लागू करने के निर्देश भी दिए।
राष्ट्रपति ने हादसे से सबक लेने और बड़ी तथा विनाशकारी दुर्घटनाओं को रोकने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ली कियांग भी सक्रिय
चीन के प्रधानमंत्री **ली कियांग** ने भी घटना के बाद संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
सरकारी मीडिया के मुताबिक उन्होंने फंसे लोगों के बचाव और घायलों के उपचार को प्राथमिकता देने को कहा।
इस तरह चीन के शीर्ष नेतृत्व के सीधे हस्तक्षेप से साफ है कि सरकार घटना को एक गंभीर औद्योगिक दुर्घटना के रूप में देख रही है।
अब जांच में आग की वजह के साथ यह भी देखा जाएगा कि सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
मरम्मत के दौरान सुरक्षा क्यों महत्वपूर्ण?
जहाज की मरम्मत सामान्य औद्योगिक कार्य से काफी अलग और जोखिम भरी हो सकती है।
एक बड़े मालवाहक जहाज में कई बंद हिस्से, इंजन रूम, बिजली व्यवस्था, ईंधन प्रणाली और मशीनरी मौजूद होती है।
मरम्मत के दौरान वेल्डिंग और कटिंग जैसे काम भी किए जा सकते हैं। ऐसे में अग्नि सुरक्षा, वेंटिलेशन और आपात निकासी व्यवस्था का मजबूत होना जरूरी होता है।
लेकिन Ocean Melody हादसे में किसी खास मरम्मत गतिविधि को आग की वजह बताने वाली आधिकारिक जानकारी अभी नहीं है।
इसलिए जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि दुर्घटना मानवीय चूक, तकनीकी समस्या या किसी अन्य कारण से हुई।
हादसे ने खड़े किए कई सवाल
इस घटना में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत होने से कई सवाल उठ रहे हैं।
जहाज पर आग लगने के बाद लोगों को बाहर निकलने में इतनी मुश्किल क्यों हुई? आग किस हिस्से से शुरू हुई? क्या जहाज के अंदर पर्याप्त अग्निशमन उपकरण मौजूद थे? क्या मरम्मत के दौरान सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था?
इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही मिलेंगे।
चीन के राष्ट्रपति ने भी सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने की बात कही है, जिससे संकेत मिलता है कि प्रशासन अब शिपयार्ड की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों की विस्तृत समीक्षा कर सकता है।
पहले बचाए गए 12 लोग
हादसे के बीच राहत की बात यह रही कि 12 लोगों को जहाज से सुरक्षित निकाल लिया गया।
पांच घायलों को भी अस्पताल पहुंचाया गया और उनकी हालत स्थिर बताई गई।
हालांकि मृतकों की बड़ी संख्या ने इस बचाव अभियान को त्रासदी में बदल दिया।
शुरुआती रिपोर्ट में 20 लोगों की मौत और पांच के लापता होने की खबर आने के बाद बचाव दल लगातार जहाज की तलाशी में जुटा रहा। बाद में मृतकों की संख्या 25 होने की पुष्टि हुई।
आग बुझी लेकिन जांच बाकी
दमकल विभाग ने दोपहर 2:30 बजे तक आग बुझा दी थी, लेकिन इसके बाद जांच का काम शुरू हुआ।
जांच एजेंसियों के सामने सबसे पहले घटनास्थल को सुरक्षित करना और आग के शुरुआती बिंदु की पहचान करना महत्वपूर्ण होगा।
जहाज में मरम्मत के दौरान किस विभाग की टीम काम कर रही थी, क्या काम किया जा रहा था और अग्नि सुरक्षा की क्या व्यवस्था थी—इन सभी पहलुओं की जांच हो सकती है।
अगर किसी स्तर पर सुरक्षा नियमों के उल्लंघन या लापरवाही की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है।
चीन की बड़ी औद्योगिक त्रासदी
किंगदाओ में हुआ यह हादसा इसलिए भी गंभीर है क्योंकि जहाज समुद्र के बीच नहीं बल्कि बंदरगाह के शिपयार्ड में मौजूद था।
ऐसी स्थिति में आपातकालीन सेवाओं की पहुंच अपेक्षाकृत आसान मानी जाती है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की जान जाना दुर्घटना की भयावहता को दिखाता है।
ताजा जानकारी के मुताबिक **Ocean Melody में आग लगने से 25 लोगों की मौत हो चुकी है। जहाज पर कुल 42 लोग मौजूद थे, 12 लोगों को सुरक्षित निकाला गया और पांच घायल अस्पताल पहुंचाए गए।
आग की वजह अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग ने बचाव, जांच और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
अब जांच रिपोर्ट से ही साफ होगा कि चीन के सबसे महत्वपूर्ण शिपबिल्डिंग केंद्रों में से एक में मरम्मत के लिए खड़े जहाज में आखिर इतनी भीषण आग कैसे लगी।
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