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Pakistan पाकिस्तान: क्वेटा में पुलिस ने बिना दस्तावेज वाले अफगान नागरिकों को मकान किराए पर देने के आरोप में 20 से अधिक मकान मालिकों और दुकानदारों को गिरफ्तार किया है। स्थानीय मीडिया ने बुधवार को यह जानकारी दी। मंगलवार को शुरू किए गए इस अभियान में उन लोगों को निशाना बनाया गया, जिन्होंने किराया कानूनों का उल्लंघन किया। गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ आवास और विदेशी नागरिकों के निवास से जुड़े मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। यह जानकारी अफगानिस्तान की प्रमुख समाचार एजेंसी खामा प्रेस ने दी।
इस कार्रवाई के दौरान सैकड़ों अवैध अफगान प्रवासियों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार किया गया, जिससे पाकिस्तान में प्रवासियों पर बढ़ते दबाव का संकेत मिलता है। बलूचिस्तान में रह रहे अफगान प्रवासियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को और कठिन बना दिया है। इन पाबंदियों के चलते उन्हें मकान, रोजगार और जीवन यापन के लिए जरूरी सेवाओं तक पहुंच में परेशानी हो रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने इस्लामाबाद और आसपास के क्षेत्रों में बिना दस्तावेज वाले विदेशी नागरिकों को मकान किराए पर देने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही बिजली-पानी जैसी सुविधाओं, मोबाइल सिम कार्ड और अन्य जरूरी सेवाओं पर भी रोक लगा दी गई है। पिछले कुछ महीनों में अफगान शरणार्थियों ने बढ़ती गिरफ्तारियों, उत्पीड़न और जबरन निर्वासन को लेकर संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों को पत्र लिखकर चिंता जताई है।
15 मार्च को खैबर पख्तूनख्वा के स्वाबी जिले में पुलिस ने छापेमारी कर 300 से अधिक अवैध अफगान शरणार्थियों को हिरासत में लिया था।
पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ के मुताबिक, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के अवैध अफगानों को निर्वासित करने के फैसले के बाद यह अभियान शुरू किया गया। पुलिस ने सभी थानों के प्रभारी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में रह रहे अवैध अफगानों का डेटा तैयार करने के निर्देश दिए थे।
सूत्रों के अनुसार, 15 मार्च को टोपी, रजाड़, छोटा लाहौर तहसील और स्वाबी के अन्य इलाकों में चलाए गए अभियान के दौरान 341 अफगान शरणार्थियों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान जारी रहेगा और स्वाबी में अवैध रूप से रह रहे सभी अफगान नागरिकों को हिरासत में लेकर अफगानिस्तान भेजा जाएगा।
बताया गया है कि स्वाबी जिले में करीब 30 हजार अफगान शरणार्थी रहते हैं, जिनमें से अधिकांश के पास वैध दस्तावेज हैं, जबकि कुछ लोग अवैध रूप से रह रहे हैं। ये शरणार्थी गांदाफ और गोहाटी शरणार्थी शिविरों के अलावा खेतों और शहरों में भी निवास कर रहे हैं।
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