मेघालय

शिलांग में KSU की बाइक रैली हिंसक कई जगह तोड़फोड़ और आगजनी

Kavita2
20 Aug 2026 10:11 AM IST
शिलांग में KSU की बाइक रैली हिंसक कई जगह तोड़फोड़ और आगजनी
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शिलांग। मेघालय की राजधानी शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) की ओर से आयोजित काली झंडी वाली बाइक रैली बुधवार को हिंसक हो गई। आंदोलन के दौरान शहर के कई इलाकों में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों में तोड़फोड़ की, कुछ लोगों के साथ मारपीट की और एक सरकारी वाहन को आग के हवाले कर दिया।

जानकारी के अनुसार, KSU की यह रैली संगठन की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर निकाली गई थी। प्रदर्शनकारियों की मांगों में भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता, मूल निवासियों के अधिकारों की सुरक्षा, अवैध पलायन पर रोक और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दे शामिल हैं। रैली के दौरान बड़ी संख्या में लोग बाइक पर सवार होकर शहर के अलग-अलग हिस्सों से गुजरे।



पुलिस के अनुसार, रैली के दौरान शहर के कई इलाकों में स्थिति बिगड़ गई। पोलो, बारिक और मावलाई क्षेत्रों से हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शन के दौरान कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों और स्थानीय लोगों के बीच झड़प की स्थिति भी बनी।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस एस्कॉर्ट वाहन को भी निशाना बनाया गया। कथित तौर पर वाहन पर हमला किया गया, जिससे उसकी एक तरफ की खिड़की क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा बारिक इलाके में नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) की गाड़ी में तोड़फोड़ की गई। हमले में वाहन का पिछला शीशा टूट गया।

हिंसा के दौरान एक सरकारी वाहन को आग लगाने की घटना भी सामने आई है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

KSU की ओर से आयोजित यह रैली संगठन के लंबे समय से चल रहे आंदोलन का हिस्सा बताई जा रही है। संगठन का कहना है कि राज्य के स्थानीय लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने रोजगार, पहचान और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को लेकर अपनी मांगें रखी हैं।

हालांकि, प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी आंदोलन के दौरान हिंसा और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और लोगों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अब हिंसा से जुड़े मामलों की जांच कर रही है। अधिकारियों ने घटनास्थलों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य सबूतों की जांच की जा रही है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

मेघालय में स्थानीय अधिकारों और रोजगार से जुड़े मुद्दे लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं। राज्य के विभिन्न संगठन समय-समय पर इन मुद्दों को लेकर आंदोलन करते रहे हैं। लेकिन बुधवार की घटना के बाद आंदोलन के तरीके और हिंसा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी घटना पर प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। कई लोगों ने कहा है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन हिंसा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं हो सकता।

फिलहाल शिलांग में स्थिति पर प्रशासन नजर बनाए हुए है। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और आने वाले दिनों में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

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