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दिल्ली में भारत अमेरिका के शीर्ष सैन्य अधिकारियों की अहम बैठक

Ratna Netam
7 Oct 2026 2:49 PM IST
दिल्ली में भारत अमेरिका के शीर्ष सैन्य अधिकारियों की अहम बैठक
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नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में नई दिल्ली में दोनों देशों के शीर्ष सैन्य नेतृत्व की एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक हुई। अमेरिकी दूतावास से जुड़े रूजवेल्ट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में अमेरिका और भारत के कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया। अमेरिकी मिशन के मुताबिक, यह मुलाकात दोनों देशों के बीच तेजी से मजबूत हो रही ‘मेजर डिफेंस पार्टनरशिप’ को दर्शाती है।बैठक में यूनाइटेड स्टेट्स पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो प्रमुख रूप से शामिल हुए। उनके साथ मोंटाना के गवर्नर ग्रेग जियानफोर्ट भी मौजूद रहे। भारत की ओर से चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल धीरज सेठ, वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित और चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ एयर मार्शल तेजिंदर सिंह सहित कई वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
अमेरिकी दूतावास ने बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि रूजवेल्ट हाउस में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व की मेजबानी करना खुशी की बात रही। अमेरिकी मिशन ने कहा कि एडमिरल पापारो का भारत दौरा अमेरिका-भारत ‘मेजर डिफेंस पार्टनरशिप’ की बढ़ती मजबूती और महत्व को रेखांकित करता है। दोनों देशों के रक्षा संबंधों को आने वाले समय की सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।एडमिरल पापारो 3 अक्टूबर को छह दिवसीय आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंचे थे और उनका दौरा 8 अक्टूबर तक निर्धारित है। उनके इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को और गहरा करना तथा साझा सुरक्षा प्राथमिकताओं पर चर्चा करना है। इस दौरान रक्षा मंत्रालय और भारतीय सशस्त्र बलों के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ उनकी कई बैठकें निर्धारित की गईं।
उनके दौरे के एजेंडे में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, उभरती महत्वपूर्ण तकनीक, क्षेत्रीय रणनीतिक स्थिरता और रक्षा क्षेत्र में ऊर्जा संबंधी लचीलापन जैसे मुद्दे शामिल हैं। अमेरिका और भारत भविष्य की सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए तकनीकी सहयोग और सैन्य क्षमताओं के क्षेत्र में भी अपनी साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं।भारत दौरे के दौरान एडमिरल पापारो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की। इस बैठक में भारत-अमेरिका सुरक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। जयशंकर ने मुलाकात के बाद कहा कि दोनों पक्षों ने सुरक्षा साझेदारी और समुद्री सहयोग को मजबूत करने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया।
इसके अलावा एडमिरल पापारो ने भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के साथ भी बातचीत की। इस दौरान दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। यह वार्ता दोनों देशों के बीच सैन्य और रणनीतिक स्तर पर लगातार बढ़ रहे संपर्क का हिस्सा रही।रूजवेल्ट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में मोंटाना के गवर्नर ग्रेग जियानफोर्ट की मौजूदगी को भी महत्वपूर्ण माना गया। अमेरिकी दूतावास के अनुसार, उनकी भागीदारी भारत-अमेरिका संबंधों के आर्थिक पहलू को भी दर्शाती है। जियानफोर्ट भारत दौरे पर एक व्यापार और उद्योग प्रतिनिधिमंडल के साथ आए हैं। अमेरिकी मिशन ने कहा कि अमेरिकी राज्यों, कारोबारियों और नवाचार क्षेत्र की भागीदारी भी दोनों देशों के व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने में योगदान दे रही है।
भारत और अमेरिका के बीच रक्षा संबंध पिछले कई वर्षों में सैन्य अभ्यासों, तकनीकी सहयोग और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में विस्तृत हुए हैं। दोनों देश सैन्य-से-सैन्य संपर्क बढ़ाने के साथ ही नई और उभरती तकनीकों पर भी सहयोग कर रहे हैं। मौजूदा दौरे में इन्हीं क्षेत्रों को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।अमेरिकी मिशन का कहना है कि एडमिरल पापारो की यात्रा दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी की बढ़ती व्यापकता को प्रदर्शित करती है। रूजवेल्ट हाउस में शीर्ष सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी के साथ हुई यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब भारत और अमेरिका इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, रणनीतिक स्थिरता और नई तकनीकों से जुड़ी चुनौतियों पर लगातार संवाद बढ़ा रहे हैं।
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