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G7 समिट में जापान की पहल ‘POWERR Asia’ पेश, ऊर्जा सुरक्षा और तेल भंडारण बढ़ाने पर जोर

Kavita2
17 Jun 2026 2:34 PM IST
G7 समिट में जापान की पहल ‘POWERR Asia’ पेश, ऊर्जा सुरक्षा और तेल भंडारण बढ़ाने पर जोर
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Evian ईविऑन : G7 समिट में जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक नई पहल ‘POWERR Asia’ फ्रेमवर्क पेश किया। इस दौरान उन्होंने इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के साथ मिलकर दुनिया भर में तेल के रणनीतिक भंडारण (ऑयल स्टॉक) को बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा।

सम्मेलन के दौरान वेस्ट एशिया पर विशेष चर्चा हुई, जिसमें मिस्र, कतर और संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं ने भी हिस्सा लिया। इस चर्चा में ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला, क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री मार्गों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई।

प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यहां किसी भी प्रकार की बाधा पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है।

इसी संदर्भ में उन्होंने जापान की ‘POWERR Asia’ पहल को प्रस्तुत किया, जिसका उद्देश्य एशियाई देशों में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और आपातकालीन स्थितियों में तेल आपूर्ति को स्थिर बनाए रखना है।

अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने ‘Power Asia’ फ्रेमवर्क को G7 नेताओं के सामने प्रस्तुत किया, जिसे कई देशों का समर्थन मिला। उन्होंने यह भी बताया कि जापान, इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के साथ मिलकर विभिन्न देशों में तेल भंडारण क्षमता बढ़ाने में सहायता करने का प्रस्ताव दे रहा है।



तकाइची के अनुसार, यह पहल वैश्विक ऊर्जा संकट या आपूर्ति बाधाओं के समय देशों को अधिक सुरक्षित और तैयार रखने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा अब केवल एक क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह वैश्विक स्थिरता से सीधे जुड़ा हुआ विषय है।

वेस्ट एशिया में मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर भी विशेष चिंता जताई गई। नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों के हित में है।



G7 समिट में हुई इस चर्चा को ऊर्जा नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें न केवल वर्तमान ऊर्जा चुनौतियों पर ध्यान दिया गया, बल्कि भविष्य की संभावित आपात स्थितियों के लिए एक संयुक्त ढांचा तैयार करने की कोशिश भी की गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि जापान की यह पहल एशिया और वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। हालांकि, इस पर आगे कैसे अमल होगा, यह आने वाले समय में तय होगा।

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