
America: विदेश मंत्री एस. जयशंकर अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत की बड़ी कूटनीतिक पहल की शुरुआत करेंगे। वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में 2028-29 कार्यकाल के लिए भारत की अस्थायी सीट की दावेदारी के अभियान का औपचारिक आगाज करेंगे। इस दौरान जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से भी मुलाकात करेंगे और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, एस. जयशंकर सोमवार को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भारत के अभियान की शुरुआत करेंगे। भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग करता रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है।
जयशंकर इससे पहले पांच से 10 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान की आधिकारिक यात्रा पर थे। इसके बाद उनके अमेरिका पहुंचने की उम्मीद है। न्यूयॉर्क में अपने कार्यक्रमों के दौरान वह संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात करेंगे।
संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रम के अनुसार, महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सोमवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा, वैश्विक चुनौतियों और भारत की आगामी UNSC दावेदारी से जुड़े विषयों पर बातचीत होने की संभावना है।
भारत 2028-29 कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सीट हासिल करने की कोशिश कर रहा है। इस सीट के लिए चुनाव अगले साल जून में होंगे। एशिया-प्रशांत समूह की श्रेणी में एक सीट के लिए भारत और ताजिकिस्तान आमने-सामने हैं। भारत इससे पहले 2021-22 के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य रह चुका है।
सुरक्षा परिषद चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब दुनिया कई गंभीर भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध, गाजा संघर्ष, पश्चिम एशिया में तनाव और अन्य अंतरराष्ट्रीय विवादों के बीच संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर लगातार चर्चा हो रही है। ऐसे में सुरक्षा परिषद में भारत की मौजूदगी को वैश्विक कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत अपनी विदेश नीति में वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की वकालत करता रहा है। UNSC में अस्थायी सीट के लिए भारत का अभियान इसी व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
जयशंकर अपनी यात्रा के अगले चरण में 14-15 जुलाई को ब्रसेल्स जाएंगे, जहां वह तीसरी भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की बैठक में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वह यूरोपीय संघ और बेल्जियम के अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, तकनीक और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा करेंगे।
भारत की कोशिश है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अपनी भूमिका को और प्रभावी बनाया जाए। आने वाले महीनों में भारत अपने समर्थन को मजबूत करने के लिए विभिन्न देशों के साथ कूटनीतिक संवाद बढ़ाएगा। 2028-29 कार्यकाल के चुनाव को भारत अपनी वैश्विक भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित करने के एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देख रहा है।





