विश्व
इजरायली सेना की लेबनान से वापसी सबसे बड़ी मांग, बातचीत का मतलब आत्मसमर्पण नहीं: राष्ट्रपति औन
jantaserishta.com
25 May 2026 4:02 PM IST

x
बेरूत: लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने सोमवार को 'रेजिस्टेंस एंड लिबरेशन डे' के अवसर पर एक बयान जारी किया। ये दिवस वर्ष 2000 में दक्षिणी लेबनान पर 22 साल के इजरायली कब्जे को समाप्त करने की याद में मनाया जाता है।
जोसेफ औन ने कहा कि इस बार इस दिन का स्मरण ऐसे समय में हो रहा है जब इजरायल अब भी दक्षिण लेबनान के कुछ गांवों पर काबिज है और लगातार हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, " लेबनान की सबसे बड़ी मांग इजरायली सेना की पूर्ण वापसी है।" उनके मुताबिक सरकार बातचीत के जरिए इस लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश में जुटी है।
राष्ट्रपति के अनुसार, यह बातचीत किसी समझौते या आत्मसमर्पण के लिए नहीं हो रही, बल्कि लेबनान की जमीन, संप्रभुता और सुरक्षा के अधिकार को स्थापित और मजबूत करने के लिए हो रही है। औन ने कहा कि लेबनानी सेना "इस जमीन की अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा मुहैया कराने की एकमात्र गारंटर है।" उन्होंने लेबनानी जनता की एकजुटता बनाए रखने और सरकार के फैसलों का साथ देने के लिए सराहना की।
लेबनानी राष्ट्रपति ने उन सैनिकों और रेजिस्टेंस लड़ाकों को भी याद किया जिन्होंने दक्षिणी इलाकों को मुक्त कराने के लिए अपना खून बहाया। उन्होंने कहा कि उनकी शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए उन्होंने जो किया वो इस देश में वैधानिक कानून स्थापित कराने के लिए किया इसलिए हमें उस ओर पूरी शिद्दत से बढ़ना चाहिए।
अपनी बातों को विराम देते हुए उन्होंने कहा, "लिबरेशन डे का सम्मान तभी बरकरार रहेगा जब हम ऐसा लेबनान बनाए जो जनता की हिफाजत करने में सक्षम हो, एक किले की तरह! जनता की मदद से दक्षिणी लेबनान को मुक्त कराना देश की जिम्मेदारी है और यह एक ऐसी इच्छा है जिसका कोई विकल्प नहीं है।"
2 मार्च 2026 से ही इजरायल ने हिज्बुल्लाह के खिलाफ अभियान शुरू किया। दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में सीजफायर के बावजूद हमले जारी हैं। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इन हमलों में अब तक तीन हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





