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इज़राइल चुनाव 2026: 84.5% मतगणना के बाद नेतन्याहू गुट 54 सीटों पर आगे

Shantanu Roy
28 Oct 2026 6:47 PM IST
इज़राइल चुनाव 2026: 84.5% मतगणना के बाद नेतन्याहू गुट 54 सीटों पर आगे
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बड़ी खबर
Israel. इज़राइल। इज़राइल के आम चुनाव 2026 में मतगणना आगे बढ़ने के साथ तस्वीर काफी दिलचस्प होती जा रही है। 28 अक्टूबर 2026 को सामने आए शुरुआती रुझानों के अनुसार, 84.5 प्रतिशत बैलेट बॉक्स की गिनती पूरी होने के बाद भी किसी एक खेमे को स्पष्ट बहुमत मिलता नजर नहीं आ रहा है। आंशिक परिणामों के मुताबिक प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाला गठबंधन 54 सीटों पर आगे है, जबकि गादी आइज़ेनकोट के नेतृत्व वाला खेमे को 49 सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं, अरब नेतृत्व वाली पार्टियां—जॉइंट लिस्ट और रा’अम—मिलकर 17 सीटों पर पहुंचती नजर आ रही हैं। 120 सदस्यीय नेसेट में सरकार बनाने के लिए 61 सीटों का आंकड़ा जरूरी होता है।
इन शुरुआती आंकड़ों से साफ है कि इज़राइल की सियासत में एक बार फिर गठबंधन गणित सबसे अहम भूमिका निभाने वाला है। नेतन्याहू खेमे को अभी भी बहुमत से सात सीट कम दिखाई दे रही हैं, जबकि आइज़ेनकोट गुट भी अपने दम पर सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में अरब पार्टियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि अंतिम परिणाम भी इसी तरह के रहे, तो सरकार गठन के लिए छोटे दलों और बाहरी समर्थन की राजनीति निर्णायक हो सकती है।
मतगणना के शुरुआती चरणों में तस्वीर थोड़ी अलग थी। 66.2 प्रतिशत बैलेट बॉक्स गिने जाने तक नेतन्याहू गुट 56 सीटों पर, आइज़ेनकोट गुट 48 सीटों पर और अरब दल 16 सीटों पर दिख रहे थे। बाद में 72.4 प्रतिशत गिनती पर नेतन्याहू गुट 54, आइज़ेनकोट गुट 48 और अरब दल 18 सीटों तक पहुंच गए। 76.8 प्रतिशत मतगणना के बाद भी नेतन्याहू खेमे को 54 सीटें ही मिलती दिखीं, जबकि आइज़ेनकोट गुट 47 और अरब दल 19 सीटों पर थे। इससे स्पष्ट है कि मतगणना आगे बढ़ने के साथ सीटों का समीकरण लगातार बदलता रहा है।
सबसे अहम बात यह है कि ये अभी अंतिम नतीजे नहीं हैं। इज़राइल की केंद्रीय चुनाव समिति ने स्पष्ट किया है कि अंतिम परिणाम बाद में अधिसूचित किए जाएंगे और तब तक आंकड़ों में बदलाव संभव है। विशेष रूप से डबल-एनवेलप वोट—जिनमें सैनिकों, विदेश में तैनात प्रतिनिधियों, कुछ चिकित्सा कर्मियों और अन्य विशेष श्रेणियों के मत शामिल होते हैं—की गिनती बाद में पूरी होती है। यही वजह है कि शुरुआती सीट बंटवारा अंतिम परिणाम से अलग हो सकता है। केंद्रीय चुनाव समिति की वेबसाइट पर भी कहा गया है कि अंतिम परिणाम 4 नवंबर 2026 तक प्रकाशित किए जाएंगे और तब तक बदलाव संभव हैं।【turn300041search0】
इस चुनाव में एक और बड़ा संकेत यह है कि इज़राइल की राजनीति पहले की तरह बेहद बंटी हुई बनी हुई है। कोई भी बड़ा खेमे अपने दम पर स्थिर बहुमत बनाता नहीं दिख रहा। ऐसे में आने वाले घंटों और दिनों में केवल मतगणना ही नहीं, बल्कि राजनीतिक बातचीत भी अहम होगी। नेतन्याहू के लिए यह राहत की बात है कि उनका गुट सबसे आगे है, लेकिन सरकार बनाने की गारंटी अभी नहीं बनी है। दूसरी ओर, आइज़ेनकोट खेमे के लिए उम्मीद इस बात में है कि अगर अंतिम गिनती में कुछ फेरबदल होता है और अरब दलों का समर्थन किसी रूप में मिलता है, तो सियासी समीकरण बदल सकते हैं। फिलहाल इज़राइल में सबकी नजर अंतिम नतीजों और उसके बाद शुरू होने वाले सत्ता समीकरण पर टिकी हुई है।
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