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Delhi दिल्ली। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि भारत मौजूदा वैश्विक तनाव के बीच भी अपने राष्ट्रीय हितों को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने गुरुवार को होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल समुद्री रास्तों का इस्तेमाल फिर से शुरू करने की कोशिशों के बीच बिना रोक-टोक के नेविगेशन की आजादी पर नई दिल्ली के रुख की तारीफ की। अजार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को एक खास इंटरव्यू में बताया, "भारत अपने हितों को ध्यान में रखकर काम कर रहा है। हमारे आपसी रिश्ते बहुत अच्छे हैं, खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा के बाद। उस यात्रा से रक्षा, वित्त, इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक, एआई और शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों में अच्छे समझौते हुए। हमें खुशी है कि भारत समुद्र में बिना रुकावट आवाजाही का समर्थन करता है। यह जरूरी है कि देश मिलकर अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करें और समुद्री रास्तों में किसी तरह का दबाव न बनने दें।"
भारत ने बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर का स्वागत किया। भारत को उम्मीद है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति आएगी। विदेश मंत्रालय ने कहा, "हम पहले भी कहते आए हैं कि तनाव कम करना, बातचीत और कूटनीति ही इस संघर्ष को खत्म करने का सही रास्ता है। इस संघर्ष से लोगों को बहुत नुकसान हुआ है और दुनिया भर में ऊर्जा सप्लाई और व्यापार भी प्रभावित हुआ है। हमें उम्मीद है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यापार और जहाजों की आवाजाही बिना रुकावट जारी रहेगी।भारत हमेशा से शांति का समर्थन करता रहा है और हर उस कदम का स्वागत करता है जिससे स्थिरता आए। भारत को उम्मीद है कि पश्चिम एशिया में हो रहे ये नए बदलाव यूक्रेन में भी शांति की कोशिशों को बढ़ावा देंगे।
इजरायली राजदूत ने कहा कि ईरान की गतिविधियों की वजह से कई देश अब एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने बताया, अब लोग समझ रहे हैं कि यह शासन कितना आक्रामक है। अगर ईरान को अपनी धमकियां पूरी करने दी जातीं तो हालात और भी खराब हो सकते थे। अब इस खतरे को लेकर जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल को उम्मीद है कि ईरान अब अमेरिका के साथ मिलकर शांति की दिशा में काम करेगा, खासकर तब जब उसके परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े खतरे कम हो गए हैं।
इजरायली राजदूत ने कहा, "हम संतुष्ट हैं। हमने अपनी सैन्य कार्रवाई पूरी कर ली है और अब हमें खुशी है कि कूटनीति को फिर मौका मिलेगा। हमें उम्मीद है कि ईरान इस मौके को समझेगा और राष्ट्रपति ट्रंप की 15 सूत्रीय योजना पर सहयोग करेगा। अगर ऐसा होता है तो न सिर्फ ईरान को राहत मिलेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र को फायदा होगा। अंत में उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि ऐसा हो, लेकिन अगर सीजफायर का पालन नहीं किया गया या फिर से तनाव बढ़ा तो हम तैयार हैं। हमारी सेना तैयार है और हम अपनी रक्षा करेंगे।"
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