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Iraq इराक: तेल मंत्रालय ने शनिवार को इराक-तुर्किए पाइपलाइन के माध्यम से अर्ध-स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र से कच्चे तेल के निर्यात फिर से शुरू कर दिया है। करीब ढाई साल के निलंबन के बाद इराक ने फिर से तेल निर्यात शुरू करने की घोषणा की। इराक के मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि तेल निर्यात का काम स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजे उच्च दक्षता और पूर्ण तरलता के साथ शुरू हुआ, जो इराकी संघीय सरकार और कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार के बीच संयुक्त प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, "यह विकास साझेदारी और उच्च-स्तरीय समन्वय की भावना से राष्ट्रीय संपदा के प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो तेल निर्यात की स्थिरता सुनिश्चित करने और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को समर्थन देने में योगदान देता है।"
इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने गुरुवार को एक समझौते की घोषणा की, जिसके तहत संघीय तेल मंत्रालय कुर्दिस्तान में उत्पादित कच्चा तेल निर्यात करेगा और इसे तुर्किए से होते हुए पाइपलाइन के माध्यम से निर्यात करेगा। कुर्द अधिकारियों ने बगदाद की मंजूरी के बिना तुर्किए के सेहान बंदरगाह के जरिए स्वतंत्र रूप से तेल बेचा था। कुर्द क्षेत्रीय सरकार की स्वतंत्र तेल बिक्री को लेकर तुर्किए से विवाद बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के जरिए मार्च 2023 से यह पाइपलाइन बंद कर दी गई थी।
इराक के सरकारी राजस्व में तेल निर्यात का हिस्सा 90 प्रतिशत से अधिक है। तेल निर्यात शुरू करने के फैसले को देश की आर्थिक सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पिछले हफ्ते, इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने एक राष्ट्रीय विकास विजन की शुरुआत की घोषणा की। पीएम की घोषणा में इस बात पर जोर दिया गया कि देश अपनी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की आधारशिला के रूप में केवल जीवाश्म ईंधन पर निर्भर नहीं रह सकता। पीएम अल-सुदानी के मीडिया कार्यालय के एक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने शनिवार को विकास और भविष्य के लिए इराक विजन 2050 के शुभारंभ समारोह में भाग लिया, जिसमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, राजनयिक और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य इराक की अर्थव्यवस्था में विविधता लाना, तेल पर निर्भरता कम करना और संरचनात्मक सुधारों के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना है। इराक की प्रमुख परियोजनाओं में अल-फॉ ग्रैंड पोर्ट और डेवलपमेंट रोड परियोजना के माध्यम से इराक को एशिया-यूरोप व्यापार के 20 प्रतिशत के लिए एक पारगमन केंद्र के रूप में स्थापित करना शामिल है। इससे 15 लाख नौकरियों के सृजन की उम्मीद है। इराक के इस विजन का लक्ष्य स्थायी हरित पहलों के माध्यम से खाना, पानी और ऊर्जा में 70 प्रतिशत आत्मनिर्भरता हासिल करना भी है। इसके लिए एक आगामी विकास रोडमैप स्वीकृति के लिए मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
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