Hormuz जलमार्ग पर ईरान की नई नीति: मित्र देशों को राहत, बाकी को देना होगा शुल्क

Hormuz होर्मुज : पश्चिम एशिया में जारी तनाव और हालिया युद्ध के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नई रणनीति अपनाने के संकेत दिए हैं। चीन में ईरान के राजदूत ने शनिवार को कहा कि तेहरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर “सर्विस टैक्स” लगाने की योजना पर काम कर रहा है और इसे जल्द लागू किया जा सकता है।बीजिंग में आयोजित वर्ल्ड पीस फोरम में बोलते हुए ईरान के राजदूत अब्दोलरेजा रहमानी फजली ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अब पूरी तरह “फ्री ट्रांजिट” नहीं रहेगा। उन्होंने दावा किया कि यह जलमार्ग ईरान के प्रभाव क्षेत्र में आता है और इसके संचालन से जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए सर्विस फीस ली जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यह शुल्क किसी पारंपरिक टोल की तरह नहीं होगा, बल्कि इसका इस्तेमाल समुद्री सुरक्षा, जहाजों की निगरानी और पर्यावरणीय प्रभावों को नियंत्रित करने में किया जाएगा। साथ ही ईरानी राजदूत ने संकेत दिया कि जिन देशों ने युद्ध के दौरान ईरान का समर्थन किया, उन्हें इस व्यवस्था में कुछ राहत दी जा सकती है।हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद की स्थिति बनती दिख रही है। अमेरिका ने पहले ही इस तरह के किसी भी टैक्स या शुल्क को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में पुराने नियमों के अनुसार ही नौवहन जारी रहेगा और किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर सख्त रुख अपनाया था, जिसके चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा था। इसके बाद से ही इस रणनीतिक जलमार्ग को लेकर लगातार विवाद और तनाव की स्थिति बनी हुई है।अब ईरान के नए बयान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है और विशेषज्ञ इसे ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक व्यापार के लिए अहम संकेत मान रहे हैं।





