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Delhi दिल्ली। ईरान के जवाबी मिसाइल हमलों में इजरायल के दक्षिणी शहर अराद में भारी तबाही के बाद राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग ने क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की क्षमताएं केवल डराने के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। ईरान के जवाबी हमलों में इजरायल के अराद में जमकर तबाही हुई। इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग ने दक्षिणी इजरायल के अराद शहर पर रात भर हुए मिसाइल हमले वाली जगह का दौरा किया।
उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि ईरान ने कहा था उसके पास अमेरिका तक पहुंचने वाली मिसाइलें नहीं हैं, लेकिन डिएगो गार्सिया में दागी गईं मिसाइलों ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके पास 4,000 किलोमीटर, यानी 2,500 मील से भी ज्यादा की दूरी तक हमला करने वाली मिसाइलें हैं। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी पूरी क्षमताओं का इस्तेमाल कर रहा है। इसीलिए इस सांप के फन को कुचलना ही होगा।
अराद दौरे पर पहुंचे राष्ट्रपति इसहाक ने कहा, ''यह वही जगह है जो ईरान से आई आधे टन की मिसाइल से मची तबाही को दिखाती है। राष्ट्रपति इसहाक ने वहां का हाल दिखाते हुए कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, ईरानी शासन मुसलमानों, यहूदियों, ईसाइयों या बुजुर्गों और युवाओं के बीच कोई फर्क नहीं करते। वे सभी नागरिकों को मारने और तबाह करने के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन हम यहां कुछ और दिखाने आए हैं। हम हमेशा मजबूत बने रहते हैं।"
राष्ट्रपति इसहाक ने कहा, “आप सभी को पता होना चाहिए कि ईरान अब अपनी सभी क्षमताओं का इस्तेमाल कर रहा है। उसने पहले इस बात से इनकार किया था कि उसके पास संयुक्त राज्य अमेरिका तक पहुंचने वाली मिसाइलें हैं। डिएगो गार्सिया में हुए लॉन्च ने बता दिया कि उनके पास 4,000 किलोमीटर से भी ज्यादा की दूरी तक हमला करने की क्षमता है।''
राष्ट्रपति इसहाक ने कहा, ''इसका मतलब है कि वे हम सभी को डराने के लिए अपनी सभी क्षमताओं का इस्तेमाल करेंगे और उन्हें तैनात करेंगे, लेकिन यह तरीका असल में काम नहीं करता, बल्कि ये हमें दिखाता है कि यह कितना क्रूर शासन है और इससे किस तरह का खतरा है। यही बात हम एक पीढ़ी से भी ज्यादा समय से दुनिया को बताते आ रहे हैं। इस दुष्ट साम्राज्य को रोकना होगा। इस सांप के फन को कुचलना होगा। इसीलिए हम इस युद्ध में हैं।''
राष्ट्रपति इसहाक ने कहा, ''मुझे इजरायल और अराद के लोगों की मजबूती पर पूरा भरोसा है। इस जगह को पूरी तरह से फिर से बनाया जाएगा। वहीं, इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में कहा कि 'ऑपरेशन रोअरिंग लायन' की शुरुआत के बाद ईरानी शासन ने पहली बार एक लंबी दूरी की मिसाइल लॉन्च की, जो लगभग 4000 किलोमीटर की दूरी तक पहुंच सकती है।
आईडीएफ ने आगाह करते हुए कहा कि हम यह पहले से कहते आ रहे हैं कि ईरानी शासन एक वैश्विक खतरा है, ऐसी मिसाइलों के साथ जो लंदन, पेरिस या बर्लिन तक पहुंच सकती हैं। आईडीएफ ने कहा कि जून 2025 में 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' के दौरान भी आईडीएफ ने खुलासा किया था कि ईरानी शासन की 4,000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली मिसाइलें विकसित करने की योजना है, जो यूरोप, एशिया और अफ्रीका के कई देशों के लिए खतरा पैदा करती हैं। उस समय भी ईरानी शासन ने इस बात से इनकार किया था।
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