विश्व

ईरान का अमेरिका के सामने 7 दिन का प्लान, युद्ध रोकने के बदले रखी ये शर्तें

jantaserishta.com
25 Sept 2026 4:55 PM IST
ईरान का अमेरिका के सामने 7 दिन का प्लान, युद्ध रोकने के बदले रखी ये शर्तें
x
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष के बीच तेहरान ने तनाव कम करने के लिए सात दिन का एक रोडमैप अमेरिका के सामने रखा है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के मुताबिक, यह प्रस्ताव मध्यस्थ देशों के जरिए वॉशिंगटन तक पहुंचाया गया है। इसका मकसद पहले सैन्य कार्रवाई रोकना और फिर दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत दोबारा शुरू करना है।
ईरान के प्रस्ताव के मुताबिक, सात दिनों के दौरान सभी तरह की शत्रुता रोकने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। इसके बदले अमेरिका से ईरान के तेल पर लगी पाबंदियों में राहत, कुछ जमे हुए ईरानी फंड जारी करने और ईरान पर लगाए गए नौसैनिक दबाव को हटाने की मांग की गई है।
सातवें दिन खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट
इस प्रस्ताव में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अहम भूमिका दी गई है। ईरान का कहना है कि अगर तय शर्तों पर सहमति बनती है तो सातवें दिन यह महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता खोल दिया जाएगा। इसके बाद अमेरिका और ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर व्यापक बातचीत फिर शुरू करेंगे।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। पश्चिम एशिया से निकलने वाले बड़े पैमाने पर तेल और ऊर्जा उत्पाद इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचते हैं। इसलिए यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर तेल की कीमतों और वैश्विक सप्लाई पर पड़ सकता है।
पजशकियान बोले- फैसला अब अमेरिका को करना है
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने भी अमेरिका के साथ बातचीत की संभावना को लेकर अपना रुख सामने रखा है। उन्होंने कहा कि ईरान समझौते और बातचीत के रास्ते से पीछे नहीं हट रहा, लेकिन इसके लिए सैन्य हमले और दबाव कम होना जरूरी है।
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में पजशकियान ने दावा किया कि जून में दोनों देशों के बीच एक समझौते की दिशा में प्रगति हुई थी। उनके मुताबिक, उस समय बातचीत आगे बढ़ रही थी और होर्मुज से जुड़ी स्थिति भी सामान्य थी, लेकिन बाद में अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई से प्रक्रिया प्रभावित हुई।
ट्रंप की धमकी के बाद आया प्रस्ताव
ईरान का यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरान पर कड़ा दबाव बनाए रखने का संकेत दिया है। ट्रंप ने समझौता नहीं होने की स्थिति में ईरान के खिलाफ बेहद सख्त सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
दूसरी तरफ, ईरान लगातार यह कहता रहा है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करने का अधिकार रखता है। तेहरान ने बातचीत के लिए तैयार होने की बात कही है, लेकिन अमेरिकी सैन्य और आर्थिक दबाव को कम करने की मांग भी रखी है।
जून की डील से जुड़ा है नया प्रस्ताव
ईरानी विदेश मंत्री के अनुसार, सात दिन का नया रोडमैप जून में अमेरिका और ईरान के बीच तैयार हुए समझौते के आधार पर बनाया गया है। फर्क यह है कि इस बार पहले की तुलना में पूरी प्रक्रिया को काफी कम समय में पूरा करने की कोशिश की जा रही है। जून का समझौता बाद में आगे नहीं बढ़ सका था।
अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी रहने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि वॉशिंगटन ईरान की सभी शर्तों को स्वीकार करेगा या नहीं। फिलहाल सात दिन का यह प्रस्ताव पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को कूटनीतिक रास्ते से रोकने की एक नई कोशिश के तौर पर सामने आया है
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story