ईरान का एयरक्राफ्ट हैंगर और ड्रोन स्टोरेज साइट तबाह, अमेरिका लगातार कर रहा अटैक

बड़ी खबर. ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग लगातार तेज होती जा रही है. अमेरिकी सेना ने लगातार 11वीं रात ईरान पर बड़े हवाई हमले किए. इस ऑपरेशन में ईरान के एयरक्राफ्ट हैंगर, ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य ऑपरेशन सेंटर, समुद्री क्षमताओं और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया. अमेरिका का दावा है कि इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों के लिए खतरे को कम करना है.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 22, 2026
CENTCOM ने कहा कि पिछले तीन महीनों में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले 30 से ज्यादा कारोबारी जहाजों पर हमला किया है. इन हमलों से सैकड़ों नाविकों की जान खतरे में पड़ी और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ. हालांकि, अमेरिका का कहना है कि तमाम हमलों के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट अभी भी व्यावसायिक जहाजों के लिए खुला हुआ है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया कि फिलहाल ईरान के साथ बातचीत में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है. उन्होंने संकेत दिए कि अमेरिकी सेना जल्द ही ईरान के उस इलाके को भी निशाना बना सकती है, जो उसके प्रमुख यूरेनियम संवर्धन केंद्रों के करीब है.
दूसरी तरफ ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है. मंगलवार को उसने होर्मुज स्ट्रेट में एक तेल टैंकर पर हमला किया था. इसके अलावा बहरीन और कुवैत में भी मिसाइल हमलों की चेतावनी के लिए सायरन बजे हैं. जंग का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जबकि अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत करीब 4 डॉलर प्रति गैलन हो गई है.
इस बीच एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के साथ जारी इस संघर्ष में घायल अमेरिकी सैनिकों की संख्या 500 के पार पहुंच चुकी है. यह आंकड़ा पेंटागन के आधिकारिक रिकॉर्ड से भी ज्यादा बताया जा रहा है. अमेरिका में मिडटर्म चुनाव नजदीक आने के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई और महंगे ईंधन को लेकर सरकार पर राजनीतिक दबाव भी बढ़ता जा रहा है.





