
ईरानी | ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका की धमकियों के बीच ईरान परमाणु समझौते पर कोई बातचीत नहीं करेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी देशों और अमेरिका की ओर से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दबाव बढ़ाया जा रहा है।
अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख
राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने कहा, "ईरान अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा। हमारी विदेश नीति स्वतंत्र है और हम किसी भी दबाव में नहीं आएंगे।"
रूस-चीन के साथ सैन्य अभ्यास
अमेरिकी दबाव के बीच ईरान ने रूस और चीन के साथ मिलकर ओमान की खाड़ी में एक बड़ा सैन्य अभ्यास किया। इस युद्धाभ्यास को "सुरक्षा और स्थिरता मिशन" नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करना और किसी भी संभावित खतरे से निपटना है।
क्षेत्रीय तनाव और बढ़ा
ईरान के इस कदम से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने ईरान की बढ़ती सैन्य गतिविधियों को लेकर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सैन्य अभ्यास एक स्पष्ट संकेत है कि ईरान अब खुले तौर पर अमेरिका और पश्चिमी देशों को चुनौती देने के लिए तैयार है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया का इंतजार
अब सभी की नजरें अमेरिका की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। क्या अमेरिका ईरान पर नए प्रतिबंध लगाएगा या फिर कूटनीतिक हल निकालने की कोशिश करेगा? आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और भी गरमा सकती हैं





