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ट्रंप के बयान पर ईरान भड़का, दी तीखी प्रतिक्रिया

Saba Naaz
5 July 2026 6:39 PM IST
ट्रंप के बयान पर ईरान भड़का, दी तीखी प्रतिक्रिया
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World: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक कथित “वन शॉट” बयान को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। ईरान ने ट्रंप की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि उसके पास न तो सभ्यता है और न ही इतिहास। ईरान ने यह भी कहा कि किसी इंसान को भले ही खत्म किया जा सकता है, लेकिन उसके विचारों और आदर्शों को कभी समाप्त नहीं किया जा सकता। यह प्रतिक्रिया ईरान के आर्मेनिया स्थित दूतावास की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी की गई पोस्ट के जरिए सामने आई है, जिसमें ट्रंप के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया गया।

ईरानी दूतावास ने अपनी पोस्ट में कहा कि अमेरिका खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान उमड़ी भीड़ और जनता की भावनाओं को समझने में असमर्थ है। दूतावास ने लिखा कि अमेरिका के पास न तो सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान, इसलिए वह इस तरह के जनसमूह और भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को समझ नहीं सकता। पोस्ट में यह भी कहा गया कि लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन उनके विचारों को खत्म नहीं किया जा सकता। दूतावास ने यह उदाहरण देते हुए टिप्पणी की कि किसी व्यक्ति को भौतिक रूप से समाप्त किया जा सकता है, लेकिन उसके विचार एक बार फैल जाएं तो उन्हें रोकना संभव नहीं होता।

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में जुटी भीड़ को लेकर टिप्पणी की थी। ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस को दिए गए इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतनी बड़ी संख्या में लोग वहां मौजूद होंगे। उन्होंने यह भी दावा किया था कि संभव है कि लोगों के आंसू वास्तविक न हों और यह केवल दिखावा हो सकता है। इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी कहा था कि यदि अमेरिका चाहे तो ईरान के बचे हुए शीर्ष नेतृत्व को एक ही हमले में खत्म कर सकता है, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका फिलहाल ऐसा नहीं करेगा क्योंकि बातचीत के विकल्प खुले रखना जरूरी है।

ईरान ने ट्रंप की इस टिप्पणी को उकसाने वाला और अस्वीकार्य बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान का कहना है कि इस तरह के बयान अंतरराष्ट्रीय संबंधों को और अधिक तनावपूर्ण बनाते हैं और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा पैदा करते हैं। इसी बीच ईरानी सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व की ओर से भी पहले चेतावनियां जारी की जा चुकी हैं, जिनमें कहा गया था कि किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई या उकसावे का ईरान कड़ा जवाब देगा।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े आयोजनों का भी उल्लेख किया जा रहा है, जिसमें भारी संख्या में लोगों की भागीदारी देखी गई। ईरान में इस अंतिम यात्रा को राष्ट्रीय एकजुटता और प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार शोक जताने के लिए लोग बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं और इसे भावनात्मक और राजनीतिक दोनों रूपों में देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान और जवाबी प्रतिक्रियाएं पहले से ही तनावपूर्ण अमेरिका-ईरान संबंधों को और अधिक जटिल बना सकती हैं। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से बयानबाजी जारी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले पर नजर बनी हुई है।

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