ईरान को मिल रहा रूस का साथ, ट्रंप प्रशासन ने दे डाली चेतावनी

ईरान। डोनाल्ड ट्रंप के लिए ईरान जंग आसान साबित होती नहीं दिख रही. अमेरिका भले युद्ध में बढ़त का दावा करें, लेकिन ईरान का पलटवार भी हल्के में नहीं लिया जा सकता. ऊपर से रूस ने अमेरिका की टेंशन बढ़ाई है. US ने रूस से ईरान की मदद नहीं करने को भी कहा. लेकिन इस धमकी का कोई असर नहीं हुआ. अब ईरान के ताजा बयान से ट्रंप और चिढ़ जाएंगे. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि ईरान और रूस के बीच सैन्य सहयोग कोई नई बात नहीं है. अरघची ने आगे ये भी कह दिया कि, 'यह पहले भी होता रहा है और भविष्य में भी जारी रहेगा.'
दरअसल, अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का मानना है कि रूस ने ईरान को मध्य पूर्व में अमेरिकी सैनिकों और संपत्तियों को निशाना बनाने के लिए जानकारी मुहैया कराई है. रूस द्वारा खुफिया जानकारी मुहैया कराने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में अराघची ने कहा, 'रूस के साथ हमारी बहुत अच्छी साझेदारी है. वे कई अलग-अलग दिशाओं में हमारी मदद कर रहे हैं.' अराघची ने आगे कहा कि तेहरान ने जानबूझकर अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों की रेंज को 2,000 किलोमीटर (1,240 मील) तक सीमित कर दिया है. वह बोले, 'क्योंकि हम दुनिया में किसी और के लिए खतरा नहीं बनना चाहते.'
अरघची ने दावा किया कि ईरान ने उस रेंज को बढ़ाने की कोई योजना शुरू नहीं की है और ऐसा कोई सबूत या खुफिया जानकारी नहीं है जो यह संकेत दे कि उसका देश 'लंबी दूरी की मिसाइलें बनाने जा रहा है, उन मिसाइलों की तो बात ही छोड़ दें जो अमेरिका की धरती तक पहुंच सकती हैं.' विदेश मंत्री ने बताया कि उनके दायरे में मिडिल ईस्ट का पूरा इलाका और पूर्वी यूरोप का कुछ हिस्सा शामिल है.





