West Asia की सुरक्षा पर ईरान ने अमेरिका को लेकर दिया बड़ा बयान

Tehran तेहरान : ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा है कि पश्चिम एशिया में स्थायी सुरक्षा अमेरिकी सैन्य मौजूदगी से नहीं, बल्कि बाहरी हस्तक्षेप समाप्त होने और क्षेत्रीय देशों के आपसी सहयोग से सुनिश्चित की जा सकती है।
ईरानी सरकारी मीडिया संगठन प्रेस टीवी के अनुसार, उप विदेश मंत्री ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर यह टिप्पणी की। यह बयान बहरीन में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के नेतृत्व में आयोजित एक सुरक्षा वार्ता के बाद आया है।इस सुरक्षा बैठक में 12 देशों के सैन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया और क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग तथा होर्मुज़ जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
काजेम गरीबाबादी ने अपने बयान में जोर देते हुए कहा कि क्षेत्र के देशों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था खुद मजबूत करनी चाहिए और इसके लिए बाहरी सैन्य हस्तक्षेप पर निर्भरता कम करनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय तक स्थिरता तभी संभव है जब क्षेत्रीय राष्ट्र आपसी विश्वास और सहयोग के आधार पर आगे बढ़ें।ईरान लंबे समय से पश्चिम एशिया में विदेशी सैन्य उपस्थिति का विरोध करता रहा है और इसे क्षेत्रीय तनाव का प्रमुख कारण बताता है। वहीं, अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का कहना है कि उनकी सैन्य मौजूदगी समुद्री मार्गों की सुरक्षा और आतंकवाद पर नियंत्रण के लिए आवश्यक है।
हालिया बैठक में होर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा हुई, क्योंकि यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है।ईरान के इस बयान को क्षेत्रीय सुरक्षा नीति पर एक बार फिर से कूटनीतिक मतभेद के रूप में देखा जा रहा है, जहां एक ओर अमेरिका नेतृत्व वाले गठबंधन सुरक्षा सहयोग को जरूरी मानते हैं, वहीं ईरान क्षेत्रीय देशों के स्वायत्त सहयोग पर जोर देता है।





