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ईरान का दावा- कुवैत में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर किया ड्रोन हमला, बढ़ा तनाव

nidhi
31 July 2026 12:25 PM IST
ईरान का दावा- कुवैत में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर किया ड्रोन हमला, बढ़ा तनाव
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ईरान का दावा
ईरान ने शुक्रवार, 31 जुलाई की सुबह दावा किया कि उसने कुवैत में अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया है। यह घटनाक्रम तब हुआ जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर के बाद संघर्ष का 44वां दिन और युद्ध शुरू होने के 153 दिन पूरे हो चुके थे।
ईरानी सेना के अनुसार, ड्रोन ने अहमद अल-जाबेर एयर बेस को निशाना बनाया और लड़ाकू विमानों के शेल्टर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम और उपकरण भंडारण सुविधाओं पर हमला किया।
तेहरान ने कहा कि यह ऑपरेशन ईरान पर हाल ही में हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में किया गया, जिसमें केशम द्वीप पर एक रिहायशी घर पर किया गया हमला भी शामिल है।
ईरान के इन ताजा दावों पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की ओर से कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई।
बघाई ने केशम द्वीप हमले की निंदा की
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले की निंदा की। खबरों के अनुसार, इस हमले में एक टैक्सी ड्राइवर, उसकी पत्नी और उनके दो साल के बच्चे की मौत हो गई थी और कई घर नष्ट हो गए थे।
'X' पर एक पोस्ट में बघाई ने कहा कि यह हमला ईरान के संकल्प को और मजबूत करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर सैन्य हमले, धमकी और प्रतिबंध ने ईरानियों को अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए "अधिक दृढ़ और एकजुट" बनाया है।
होर्मुज पर बातचीत जारी
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर ओमान के अधिकारियों के साथ बातचीत जारी है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी पुष्टि की कि दोनों पक्षों के बीच चर्चा जारी है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य और क्षेत्रीय तनाव को कम करने के व्यापक प्रयासों पर बात हो रही है।
अमेरिका 'अधिकतम दबाव' की नीति पर कायम
अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने फॉक्स न्यूज को बताया कि वाशिंगटन ईरान पर अपनी "अधिकतम दबाव" (maximum pressure) की नीति के प्रति प्रतिबद्ध है।
अमेरिकी सीनेट ने प्रस्ताव खारिज किया
अमेरिकी सीनेट ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों को रोकने के प्रस्ताव के मसौदे के खिलाफ मतदान किया।
पेंटागन कुवैत में तैनाती की समीक्षा कर रहा है
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से खबर दी है कि पेंटागन कुवैत में अपनी सैन्य उपस्थिति के दायरे की समीक्षा कर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस समीक्षा पर संघर्ष से पहले ही विचार किया जा रहा था, लेकिन अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के लगातार हमलों के बाद इसे और जरूरी माना जाने लगा है। अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने में कुवैत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझेदार बना हुआ है। तेहरान ने डामिएटा हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया
ईरान ने पश्चिमी मीडिया की उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया जिनमें उसे मिस्र के डामिएटा बंदरगाह पर दो जहाजों पर हुए हमलों से जोड़ा गया था। ईरान ने कहा कि उसकी नीति मिस्र की संप्रभुता का सम्मान करने पर आधारित है और उसने किसी भी तरह की भागीदारी से साफ इनकार किया।
अराकची ने मिस्र के प्रति समर्थन जताया
रॉयटर्स के अनुसार, विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा कि मिस्र एक "महत्वपूर्ण मित्र और साझेदार" है और उसकी सुरक्षा ईरान के लिए "अत्यंत महत्वपूर्ण" है।
शिपिंग गतिविधियां धीमी बनी हुई हैं
रॉयटर्स ने 'केप्लर' (Kpler) शिपिंग डेटा का हवाला देते हुए बताया कि एक दिन पहले 25 कमर्शियल जहाज बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) से गुजरे। इनमें दो बहुत बड़े क्रूड कैरियर, एक स्वेजमैक्स टैंकर और पांच अफ्रामैक्स टैंकर शामिल थे।
इसकी तुलना में, होर्मुज जलडमरूमध्य में केवल दो बैलास्ट टैंकर ही दाखिल हुए। केप्लर ने बताया कि हो सकता है कि कुछ जहाजों ने अपने ट्रैकिंग सिस्टम बंद करके यात्रा की हो, इसलिए उन्हें डेटा में शामिल नहीं किया गया।
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