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फ्लाईदुबई विमान हमले पर ट्रंप का दावा
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई कथित आतंकी साजिश को लेकर ईरान पर गंभीर आरोप लगाया है। ट्रंप ने कहा है कि उनका व्यक्तिगत रूप से मानना है कि इस घटना के पीछे ईरान हो सकता है। हालांकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि अभी तक जांच में ईरान से संबंध साबित करने वाला कोई निर्णायक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी। जांच के मुताबिक ओमान के नागरिक और विमान के को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर कॉकपिट में हमला किया। इसके बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा। यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने आरोपी को काबू किया, जिसके बाद विमान को सऊदी अरब में सुरक्षित उतारा गया।
ट्रंप से जब इस घटना में ईरान की संभावित भूमिका के बारे में पूछा गया तो उन्होंने संकेत दिया कि उन्हें मिल रही जानकारी के आधार पर ऐसा हो सकता है, लेकिन जांच अभी जारी है। इससे पहले ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान की भूमिका साबित होती है तो उसके खिलाफ बेहद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने ईरान की संलिप्तता के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई सबूत पेश नहीं किया है।
इस बीच जांच में कई नई जानकारियां सामने आई हैं। दो इजरायली अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी को-पायलट ने एयरलाइन में नौकरी लेने से पहले ही हमले की योजना बनाई थी। आरोप है कि उसका उद्देश्य विमान को तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट की ओर दुर्घटनाग्रस्त करना था। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और यूएई में आरोपी हिरासत में है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फिलहाल ट्रंप का ईरान को लेकर बयान दावा है, स्थापित तथ्य नहीं। क्षेत्रीय अधिकारियों को अब तक जांच में ईरान से कोई पुष्ट संबंध नहीं मिला है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने भी कहा कि ईरान को घटना से जोड़ने वाला कुछ निर्णायक सामने नहीं आया है। घटना के बाद यूएई, इजरायल और सऊदी अरब समेत कई देशों की एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। जांच का प्रमुख सवाल यह है कि आरोपी ने अकेले इस कथित साजिश को अंजाम देने की योजना बनाई थी या उसके पीछे कोई संगठन अथवा बाहरी नेटवर्क था।
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