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जिनेवा में बलूचिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मानवाधिकार मुद्दों पर हुई चर्चा

Ratna Netam
25 Sept 2026 5:40 PM IST
जिनेवा में बलूचिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मानवाधिकार मुद्दों पर हुई चर्चा
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जिनेवा। बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा प्रेस क्लब में 12वें बलूचिस्तान इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। सम्मेलन में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, राजनीतिक विशेषज्ञों, पत्रकारों और विभिन्न देशों से आए अन्य प्रतिभागियों ने बलूचिस्तान की राजनीतिक और मानवाधिकार स्थिति पर चर्चा की। आयोजकों ने कार्यक्रम के जरिए क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। जिनेवा प्रेस क्लब ने भी 24 सितंबर को BNM की इस कॉन्फ्रेंस की मेजबानी की पुष्टि की है।सम्मेलन की थीम ‘Occupied Balochistan at the Crossroads: Human Rights, Justice and the Struggle for Freedom’ रखी गई थी। शीर्षक में इस्तेमाल ‘Occupied Balochistan’ BNM की राजनीतिक स्थिति को दर्शाता है और पाकिस्तान सरकार की आधिकारिक स्थिति से अलग है। सम्मेलन में BNM से जुड़े दिवंगत नेता और बलूच स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन के पूर्व चेयरमैन जुबैर बलूच को भी याद किया गया।
जिनेवा प्रेस क्लब की ओर से जारी कार्यक्रम विवरण के मुताबिक सम्मेलन में BNM के चेयरमैन डॉ. नसीम बलूच, ब्रिटेन के लेबर सांसद जॉन मैकडॉनेल, पश्तून तहफुज मूवमेंट के नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता मंजूर पश्तीन, वर्कर्स पार्टी गिलगित-बाल्टिस्तान का प्रतिनिधित्व करने वाले शेरबाज खान, अफगान विद्वान और पूर्व राजनयिक डॉ. गफूर लिवाल, इतालवी मानवाधिकार विशेषज्ञ एंटोनियो स्टैंगो और पत्रकार शाहिद काजी वक्ताओं में शामिल थे। कार्यक्रम की मेजबानी माहरा बलूच और सलीम इलाही ने की।सम्मेलन के बारे में बात करते हुए BNM सदस्य फहीम बलूच ने कहा कि कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य जुबैर बलूच को श्रद्धांजलि देना था। उन्होंने कहा कि जुबैर बलूच छात्र राजनीति और बाद में बलूच नेशनल मूवमेंट से जुड़े रहे थे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके राजनीतिक और मानवाधिकार से जुड़े काम को याद किया।
फहीम बलूच ने दावा किया कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से मानवाधिकार कार्यकर्ता, राजनीतिक विशेषज्ञ, पत्रकार, सांसद और अन्य प्रतिनिधि सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों ने बलूचिस्तान के लोगों के प्रति एकजुटता जताई और क्षेत्र में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों से जुड़े मुद्दे उठाए। ये आरोप BNM और सम्मेलन में शामिल वक्ताओं की ओर से लगाए गए हैं और इन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी का मुद्दा भी BNM के मौजूदा जिनेवा अभियान के प्रमुख विषयों में शामिल है। सम्मेलन से एक दिन पहले BNM के चेयरमैन डॉ. नसीम बलूच के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त राष्ट्र के Working Group on Enforced or Involuntary Disappearances के एक सदस्य से मुलाकात की थी। संगठन के मुताबिक प्रतिनिधिमंडल ने जबरन गुमशुदगी से संबंधित दस्तावेज और अपनी मानवाधिकार शाखा ‘पांक’ की छह महीने की रिपोर्ट सौंपी। यह सामग्री BNM द्वारा संकलित की गई है और उसमें किए गए आरोप संगठन के अपने दावे हैं।
BNM लंबे समय से बलूचिस्तान में कथित जबरन गुमशुदगी, हिरासत और अन्य मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप उठाता रहा है। संगठन इन मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से अधिक सक्रिय भूमिका की मांग करता है। दूसरी ओर पाकिस्तान की सरकार और सुरक्षा संस्थान अतीत में बलूचिस्तान से जुड़े कई आरोपों को खारिज या चुनौती देते रहे हैं तथा क्षेत्र में हिंसा और अलगाववादी संगठनों की गतिविधियों को सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताते हैं।बलूचिस्तान पाकिस्तान का क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ा प्रांत है और लंबे समय से सुरक्षा, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, संसाधनों के वितरण और विकास से जुड़े विवादों का केंद्र रहा है। क्षेत्र में कई सशस्त्र अलगाववादी संगठन भी सक्रिय हैं, जिनके हमलों में सुरक्षाकर्मियों के साथ आम नागरिक भी मारे गए हैं। मानवाधिकार संगठनों और बलूच कार्यकर्ताओं की ओर से सुरक्षा अभियानों के दौरान गुमशुदगी और गैरकानूनी कार्रवाई के आरोप भी लगाए जाते रहे हैं।
जिनेवा सम्मेलन में BNM ने मानवाधिकार मुद्दों के साथ बलूचिस्तान के राजनीतिक भविष्य से जुड़े अपने विचार भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखे। BNM स्वतंत्र बलूचिस्तान की मांग करने वाला राजनीतिक संगठन है। इसलिए सम्मेलन में स्वतंत्रता और आत्मनिर्णय से संबंधित विचार संगठन के राजनीतिक दृष्टिकोण का हिस्सा थे, न कि किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा स्वीकार किया गया निष्कर्ष।BNM का सम्मेलन जिनेवा में उसके तीन दिवसीय अभियान का हिस्सा है। संगठन की ओर से घोषित कार्यक्रम के मुताबिक 24 से 26 सितंबर तक सम्मेलन, रैली, प्रदर्शन और फोटो प्रदर्शनी जैसी गतिविधियां निर्धारित की गईं। 24 सितंबर को जिनेवा प्रेस क्लब में सम्मेलन के बाद 25 सितंबर को जिनेवा के Broken Chair और Place des Nations क्षेत्र में रैली, प्रदर्शन और फोटो प्रदर्शनी का कार्यक्रम रखा गया, जबकि 26 सितंबर को भी फोटो प्रदर्शनी जारी रखने की योजना थी।
जिनेवा प्रेस क्लब की आधिकारिक सूची में भी 24 सितंबर 2026 को ‘12th Balochistan International Conference’ दर्ज है। क्लब ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय और मानवाधिकार दोनों श्रेणियों में सूचीबद्ध किया।सम्मेलन के जरिए BNM ने बलूचिस्तान की स्थिति पर अधिक अंतरराष्ट्रीय निगरानी और चर्चा की मांग दोहराई। फहीम बलूच ने कहा कि संगठन चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय क्षेत्र में मानवाधिकार से जुड़े आरोपों पर अधिक ध्यान दे। सम्मेलन में शामिल वक्ताओं ने अलग-अलग राजनीतिक और मानवाधिकार पहलुओं पर अपने विचार रखे।
जिनेवा में आयोजित यह कार्यक्रम ऐसे समय हुआ जब संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से जुड़ी गतिविधियों के कारण विभिन्न देशों और संगठनों के प्रतिनिधि शहर में मौजूद हैं। BNM ने इसी दौरान अपने अभियान के माध्यम से बलूचिस्तान से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की रणनीति अपनाई है।कुल मिलाकर सम्मेलन का फोकस बलूचिस्तान में मानवाधिकारों से जुड़े आरोपों, राजनीतिक स्थिति और BNM की स्वतंत्रता संबंधी मांगों पर रहा। साथ ही जुबैर बलूच को श्रद्धांजलि दी गई। सम्मेलन में लगाए गए मानवाधिकार उल्लंघन संबंधी आरोप BNM और उसके आमंत्रित वक्ताओं के दावे हैं; संबंधित घटनाओं पर अलग-अलग पक्षों के विवरण और व्याख्याएं भिन्न हैं।
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