
Islamabad इस्लामाबाद, 20 जून: पाकिस्तान के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर इशाक डार ने UN सिक्योरिटी काउंसिल से अपील की है कि वह सिंधु जल संधि (IWT) के कथित उल्लंघन के मामले में भारत के खिलाफ कदम उठाए।
1960 में वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में हुई इस संधि को अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सस्पेंड कर दिया गया था, जिसमें 26 आम नागरिक मारे गए थे। यह संधि 1960 से ही भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के पानी के बंटवारे और इस्तेमाल को नियंत्रित करती रही है।
UN में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने कहा कि उन्होंने इस्लामाबाद की चिंताओं को उजागर करने के लिए डार का एक पत्र UNSC की प्रेसिडेंट लियोनोर ज़लाबाटा टोरेस को सौंपा।
X पर एक पोस्ट में आसिम ने कहा कि यह पत्र चिनाब नदी से जुड़े भारत के दो इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की ओर "UNSC का तत्काल ध्यान आकर्षित करता है"। उन्होंने कहा, "मैंने UNSC की प्रेसिडेंट को दक्षिण एशिया के मौजूदा हालात के बारे में भी जानकारी दी..."





