
बैंकॉक | थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित बिम्सटेक शिखर सम्मेलन 2025 भारत की रणनीतिक और डिजिटल नेतृत्व क्षमताओं का प्रदर्शन बन गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन के मंच से संगठन को भविष्य की ओर ले जाने वाले कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किए। सबसे प्रमुख रहा
– यूपीआई (UPI) को बिम्सटेक देशों में अपनाने का सुझाव। मोदी ने कहा कि डिजिटल भुगतान का यह प्लेटफॉर्म सीमाओं से परे जाकर वित्तीय समावेशन और पारदर्शिता को बढ़ावा देगा। भूटान और नेपाल पहले ही इस प्रणाली से जुड़ चुके हैं, और बाकी सदस्य देशों को भी इससे जुड़ने का न्योता मिला।
इसके साथ ही भारत ने ‘बिम्सटेक चैंबर ऑफ कॉमर्स’ की स्थापना का प्रस्ताव रखा, जो क्षेत्रीय व्यापार, निवेश और उद्योग जगत के हितों को आगे बढ़ाने का एक साझा मंच बनेगा। पीएम मोदी ने सुझाव दिया कि सदस्य देशों को सीमा पार व्यापार और स्टार्टअप सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में काम करना चाहिए।
भारत का यह रुख स्पष्ट करता है कि वह सिर्फ भागीदार नहीं, बल्कि बिम्सटेक को दिशा देने वाला लीडर बन चुका है। भारत की प्राथमिकताएं – डिजिटल अर्थव्यवस्था, व्यापारिक सहयोग, परिवहन कनेक्टिविटी, और शिक्षा व स्वास्थ्य में साझेदारी – अब संगठन के एजेंडे का हिस्सा बनती जा रही हैं।
भारत के इन प्रस्तावों को अन्य सदस्य देशों ने सकारात्मक रूप से लिया है, और माना जा रहा है कि इससे आने वाले वर्षों में बिम्सटेक क्षेत्र एक सशक्त आर्थिक और डिजिटल समूह बनकर उभरेगा।





